
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
डार्क चॉकलेट को लेकर आमतौर पर बच्चों और महिलाओं में ज्यादा क्रेज देखा जाता है। हालांकि पुरुष या बुजुर्ग भी चॉकलेट के स्वाद को खूब इन्ज्चॉय करते हैं। किसी भी खुशी के मौके पर मुंह मीठा करने के लिए लोग एक दूसरे को चॉकलेट खिलाना या बांटना पसंद करते हैं। अगर आप भी चॉकलेट के दिवाने हैं तो आपको बता दें कि डार्क चॉकलेट सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत को कई लाभ भी देती है। कई ऐसे रोग हैं जो डार्क चॉकलेट के सेवन से दूर किए जा सकते हैं। डार्क चॉकलेट के सेवन से स्किन की कई प्रॉब्लम को दूर किया जा सकता है। क्या आप ये सोच रहे हैं कि डार्क चॉकलेट क्या होती है और इसका कैसे सेवन किया जाता है? अगर हां तो आइए जानते हैं क्या होती है डार्क चॉकलेट और क्या हैं इसके लाभ।
डार्क चॉकलेट कोको बीन्स से बनती है। डार्क चॉकलेट में मिल्क चॉकलेट की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कोको बटर, चीनी और कोको सॉलिड होती है। इसमें आयरन, कॉपर, फ्लैवनॉल्स, जिंक व फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्थ, लंग्स, किडनी, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को सामान्य रखने में मदद करते हैं।
डार्क चॉकलेट स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होती है। रिसर्च से पता चलता है कि डार्क चॉकलेट के सेवन से कई त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। दरअसल कोको में मौजूद डायट्री फ्लेवोनोल्स फोटो-प्रोटेक्शन प्रदान करते हैं जिससे स्किन में ब्लड सर्कुलेशन अच्छी तरह से होता है। जब स्किन में ब्लड का फ्लो सही रहता है तो स्किन कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियां का जोखिम कम होता है। साथ ही इस चॉकलेट का सेवन सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है। डार्क चॉकलेट का सेवन टैनिंग, दाग धब्बों के निशान और पैची स्किन प्रॉब्लम को भी दूर करता है।
1. डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लैवनॉल नामक तत्व बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
2. डार्क चॉकलेट में मौजूद उच्च फ्लैवनॉल प्लेटलेट एग्रीगेशन हृदय स्वास्थ्य को दुरुस्त करता है।
3. तनाव, डिप्रेशन और कई मानसिक रोगों को कंट्रोल करने में भी डार्क चॉकलेट का सेवन फायदेमंद है।
4. डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन नामक रासायनिक पदार्थ होता है, जो श्वसन तंत्र संबंधी रोगों से बचाता है।
5. डार्क चॉकलेट के एंटी-डायबिटिक प्रभावों गुणों के कारण मधुमेह रोग भी नियंत्रित रहता है।