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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : July 14, 2019 7:25 PM IST
अगर मलेरिया बुखार के समय सही डाइट ली जाए तो संक्रमण भी जल्दी ठीक होता है. हम यहां पर कुछ ऐसी ही डाइट बता रहें हैं जो मलेरिया बुखार को जल्द ठीक करने में आपकी मदद करते हैं.
मलेरिया बुखार मच्छरों से होने वाली बीमारी है. मच्छरों के काटने के बाद इंसान के खून में मलेरिया के परजीवी पहुंचते हैं. यह परजीवी किटनी में पहुंचने के बाद रेड ब्लड सेल्स को संक्रमित करने लगता है. जब यह खून में तेज गति से फैलने लगता है तो सेल्स टूटने लगते हैं और मरीज की हालत खराब होने लगती है. मलेरिया का इलाज आसानी से हो जाता है, लेकिन समय पर इलाज न करने से यह खतरनाक भी हो सकता है. जिसको मलेरिया बुखार होता है वह बहुत जल्द कमजोर भी होने लगता है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी का भी खतरा बढ़ जाता है. मलेरिया बुखार होने पर विशेष डाइट (Malaria Diet) की जरूरत भी होती है. अगर सही Malaria Diet नहीं होती है तो कई महीनों तक कमजोरी बनी रहती है.
अगर मलेरिया बुखार के समय सही डाइट (Malaria Diet) ली जाए तो संक्रमण भी जल्दी ठीक होता है. हम यहां पर कुछ ऐसी ही डाइट बता रहें हैं जो मलेरिया बुखार को जल्द ठीक करने में आपकी मदद करते हैं.
शरीर को हाइड्रेट हमेशा रखना चाहिए लेकिन मलेरिया की बीमारी में यह और भी जरूरी हो जाता है. तरल पदार्थ के लिए नारियल पानी, फलों के जूस और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिये.
जब शरीर में मलेरिया का इंफेक्शन रहता है तो भूख भी नहीं लगती है. ऐसे में फल और सब्जियों का सहारा सबसे अच्छा होता है. संतरा, नींबू, पपीता, चुकंदर, गाजर और पालक को खाने में शामिल करना चाहिए. ऐसे फलों का चयन भी कर सकते हैं जिनमें विटामिन बी, विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में हों.
मलेरिया बुखार में शरीर को बहुत नुकसान होता है. शरीर के खराब हुए टिशू को ठीक करने के लिए बॉडी को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स की जरूरत होती है. प्रोटीन के लिए दाल, दूध, अंडे, मीट औ चिकन खा सकते हैं. कार्बोहाइड्रेट के लिए रोटी, चावल, स्प्राउट को शामिल कर सकते हैं.
खाने के बात जब आती है तो तले हुए खाने की बात भी जरूरी है. मलेरिया की बीमारी में तले हुए खाने से बचना चाहिये. इसके अलावा मलेरिया बुखार में ज्यादा फैट वाले फूड भी नहीं खाना चाहिए. घी, तेल, मक्खन और क्रीम जैसे खाद्य पदार्थ का कम से कम सेवन करना चाहिए.
शरीर को मलेरिया बुखार में पोषक तत्वों की काफी जरूरत होती है. ऐसे समय में डॉक्टर की सलाह से पोषक तत्व औ विटामिन की गोलियों का भी सेवन किया जा सकता है. विशेष तौर पर ओमेगा-3 फैटी ऐसिड से शरीर में होने वाली जलन से राहत मिलती है. इसे चाहे तो कैप्सुल के फॉर्म में लिया जा सकता है. Malaria का इलाज से पहले बचाव है जरूरी है. इसकी जानकारी जरूर रखें.
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