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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 23, 2019 6:17 PM IST
बच्चों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन इस विटामिन की कमी से हो सकता है, जानें बचाव के उपाय. ©pixabay
बच्चों में गुस्सा और चिड़चिड़ापन हम नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार लगता है कि यह बच्चे की आदत हो सकती है. अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो यह खतरनाक हो सकता है. क्योंकि हाल ही में हुए शोध के अनुसार बच्चों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा विटामिन डी की कमी (Lack of vitamin D) की वजह से होता है. यही नहीं शोध के अनुसार विटामिनड डी की कमी (Lack of vitamin D) के कारण बच्चों में आक्रमता भी देखी गयी है. Journal of Nutrition में प्रकाशित शोध के अनुसार यह 5 साल से बड़े बच्चों में ज्यादा देखा जाता है. शोधकर्ताओं का मानना है कि विटामिन डी की कमी (Lack of vitamin D), पोषक तत्वों की कमी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं.
बच्चों पर हुए इस शोध में प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले 5 से 12 साल के उम्र के 3202 बच्चों को शामिल किया गया था. इस शोध में बच्चों की आदतें और उनके पढ़ने, खेलने और स्वास्थ्य के डाटा जुटाए गये थे. इसमें ब्लड टेस्ट के माध्यम से विटामिन और पोषक तत्वों की कमी को देखा गया था. रिसर्च के परिणाम में पाया गया कि पोषक तत्वों व विटामिन की कमी से बच्चों के व्यवहार में बदलाव आता है.
हाल के वर्षों में विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency) के शिकार बहुत ज्यादा लोग हो रहे हैं. इस मामले में छोटे बच्चे भी बराबर शिकार होते हैं. इसकी मुख्य वजह है सूरज की रोशनी से दूरी. विटामिन डी की कमी (Vitamin D Deficiency) शहरी बच्चों में ज्यादा देखी जाती है. क्योंकि इनको उचित धूप नहींं लग पाती है.
बच्चों में विटामिन डी की कमी के अन्य कारण भी हैं. बदलती जीवनशैली में खान-पान में भी बदलाव आया है. हाल के वर्षों में बच्चे जंक फूड ज्यादा खाने लगे हैं. पोषक तत्वों वाले खान-पान से दूरी भी मुख्य वजह है.
सूरज की रोशनी के अलावा खाद्य पदार्थों में भी विटामिन डी पाया जाता है. इसके लिए आप अपने बच्चों की डाइट में इन फूड को शामिल कर सकते हैं.
सबसे अच्छा और लाभदायक विटामिन डी का स्रोत दूध है. बच्चों की डाइट में रोजाना दूध को जरूर शामिल करना चाहिए.
विटामिन डी के दूसरे स्रोत के तौर पर मशरूम को शामिल किया जा सकता है. मशरूम मे पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है.
बच्चों के लिए विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत अंडे का पीला भाग भी है. बढ़ते बच्चों के लिए अंडे की डाइट बहुत लाभदायक होती है.
फलों के जूस में भी विटामिन डी पाया जाता है. सबसे अच्छा स्रोत संतरे का जूस माना जाता है.
बच्चे अगर मछली खा सकें तो यह भी विटामिन डी का बेहतर स्रोत होती है.