
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Kamini Sinha
Is Mango good for blood Sugar
आम के सीजन में न सिर्फ पके हुए आम को लोग पसंद करते हैं, बल्कि कई लोगों को कच्चे आम का सेवन करना भी काफी अच्छा लगता है। कच्चे आम को कई तरह की डिशेज बनाकर खाया जाता है। कुछ लोग इसमें डायरेक्ट नमक लगाकर खाना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ लोग चाट, अचार या शरबत इत्यादि के रूप में इसे खाना पसंद करते हैं। ऐसे में कई बार डायबिटीज के मरीजों के मन में यह सवाल होता है कि क्या कच्चा आम खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है?
इस विषय की जानकारी के लिए हमने डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कच्चा आम खाने से डायबिटीज हो सकता है?
Raw Mango For Sugar
डायटीशियन का कहना है कि कच्चे आम में नैचुरल शुगर बहुत कम होती है। इसके साथ ही इसमें फाइबर और कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर सकते हैं। इसी वजह से कच्चा आम का ग्लाइसेमिक इंपैक्ट पके आम की तुलना में कम माना जाता है।
रिसर्च के अनुसार, पका हुआ आम ज्यादा शुगर रिलीज करता है, जबकि कच्चा आम थोड़ा कम ग्लूकोज बढ़ाता है। मुख्य रूप से जब इसे सीमित मात्रा में और बिना अतिरिक्त चीनी के खाया जाए।
डायटीशियन का कहना है कि डायबिटीज मरीज कच्चे आम का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे-
Blood Sugar
ध्यान रहे, कच्चा आम सुरक्षित है लेकिन अनलिमिटेड इसका सेवन न करें। कई बार इसके अधिक सेवन से नुकसान भी हो सकता है।
वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि कच्चे आम में कम शुगर और अधिक फाइबर होता है। यह पाचन में मदद करता है और ग्लूकोज स्पाइक को धीरे करता है। पके आम की तुलना में इसका ग्लाइसेमिक लोड कम होता है। हालांकि, किसी भी फल का प्रभाव व्यक्ति की हेल्थ, मात्रा और खाने के तरीके पर निर्भर करता है।
कच्चा आम हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कुछ स्थितियों में सावधानी जरूरी है, जैसे -
Disclaimer : कच्चा आम अपने आप में ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता, बल्कि यह पके आम की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे बिना नियंत्रण के खाया जाए। संतुलित मात्रा और सही तरीके से सेवन करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।