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क्या कच्चा आम खाने से शुगर बढ़ता है?

कच्चा आम कई लोगों को पसंद होते है, लेकिन अक्सर डायबिटीज मरीजों को इस बात को लेकर कंफ्यूजन होता है कि क्या इसके सेवन से शुगर लेवल बढ़ता है? आइए जानते हैं इस विषय को अच्छे से -

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 18, 2026 4:14 PM IST

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Medically Verified By: Kamini Sinha

आम के सीजन में न सिर्फ पके हुए आम को लोग पसंद करते हैं, बल्कि कई लोगों को कच्चे आम का सेवन करना भी काफी अच्छा लगता है। कच्चे आम को कई तरह की डिशेज बनाकर खाया जाता है। कुछ लोग इसमें डायरेक्ट नमक लगाकर खाना पसंद करते हैं। वहीं, कुछ लोग चाट, अचार या शरबत इत्यादि के रूप में इसे खाना पसंद करते हैं। ऐसे में कई बार डायबिटीज के मरीजों के मन में यह सवाल होता है कि क्या कच्चा आम खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है?

इस विषय की जानकारी के लिए हमने डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कच्चा आम खाने से डायबिटीज हो सकता है?

Raw Mango For Sugar Raw Mango For Sugar

कच्चा आम और ब्लड शुगर के बीच क्या है कनेक्शन?

डायटीशियन का कहना है कि कच्चे आम में नैचुरल शुगर बहुत कम होती है। इसके साथ ही इसमें फाइबर और कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर सकते हैं। इसी वजह से कच्चा आम का ग्लाइसेमिक इंपैक्ट पके आम की तुलना में कम माना जाता है।

रिसर्च के अनुसार, पका हुआ आम ज्यादा शुगर रिलीज करता है, जबकि कच्चा आम थोड़ा कम ग्लूकोज बढ़ाता है। मुख्य रूप से जब इसे सीमित मात्रा में और बिना अतिरिक्त चीनी के खाया जाए।

क्या डायबिटीज मरीज इसे खा सकते हैं?

डायटीशियन का कहना है कि डायबिटीज मरीज कच्चे आम का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे-

Blood Sugar Blood Sugar

  • इसे नमक या चीनी वाले शरबत में अधिक मात्रा में न लें।
  • फ्राइड या प्रोसेस्ड रूप (जैसे-चटनी में ज्यादा शक्कर) से बचें।
  • हमेशा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार सेवन करें।

ध्यान रहे, कच्चा आम सुरक्षित है लेकिन अनलिमिटेड इसका सेवन न करें। कई बार इसके अधिक सेवन से नुकसान भी हो सकता है।

रिसर्च क्या कहती है?

वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि कच्चे आम में कम शुगर और अधिक फाइबर होता है। यह पाचन में मदद करता है और ग्लूकोज स्पाइक को धीरे करता है। पके आम की तुलना में इसका ग्लाइसेमिक लोड कम होता है। हालांकि, किसी भी फल का प्रभाव व्यक्ति की हेल्थ, मात्रा और खाने के तरीके पर निर्भर करता है।

कब सावधानी जरूरी है?

कच्चा आम हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कुछ स्थितियों में सावधानी जरूरी है, जैसे -

  • अगर पहले से ब्लड शुगर बहुत ज्यादा अस्थिर है।
  • अगर इसे चीनी या मीठे शरबत के साथ लिया जा रहा हो
  • अगर पाचन संबंधी समस्या हो

Disclaimer : कच्चा आम अपने आप में ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता, बल्कि यह पके आम की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे बिना नियंत्रण के खाया जाए। संतुलित मात्रा और सही तरीके से सेवन करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।