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जानें स्वास्थ्य के लिए 'चिलगोजा' क्‍यों है इतना फायदेमंद ?

कई पोषक तत्‍वों का खजाना है चिलगोजा।.© Shutterstock

अगर आप रोज चिलगोजे का सेवन करते हैं, तो यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है।

Written by Editorial Team |Published : August 30, 2018 7:24 PM IST

पाइन नट्स जिसे चिलगोजा या नियोजा भी कहते हैं विटामिन्स, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है। नट्स को सुपरफूड कहा जाता है इसे कमजोरी दूर करने या शरीर में प्रोटीन और विटामिन्स की जरूरत होने पर अक्सर डॉक्टर खाने की सलाह देते हैं। सभी नट्स पौष्टिक होने के साथ-साथ प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

ज्यादातर नट्स में विटामिन ई, फॉलिक ऐसिड, बी-कॉम्प्लेक्स, मैग्नेशियम, कॉपर, जिंक आदि की भरपूर मात्रा होती है। अगर आप रोज चिलगोजे का सेवन करते हैं, तो यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है।

भूख बढ़ती है

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पिनोलैनिक ऐसिड का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है चिलगोजा। 10 ग्राम चिलगोजे में 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है। आप इसे कच्चा या भुना हुआ खा सकते हैं। चिलगोजे में विटमिन बी और विटमिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। चिलगोजा मोनोसैच्युरेटेड फैट से भरा होता है और इनके सेवन से भूख भी बढ़ती है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जिससे शरीर में हीमॉग्लोबिन बढ़ता है और भूख ज्यादा लगती है।

कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक

चिलगोजे में अनसैच्युरेटेड फैट होता है, जो कलेस्ट्रॉल घटाने में मदद करता है। इसमें मौजूद टोकोफेरोल एक पावरफुल ऐंटिऑक्सिडेंट है, जो शरीर से बैड कलेस्ट्रॉल को कम करता है और दिल की बीमारियों से बचाता है। कलेस्ट्रॉल के बढ़ने से दिल की बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

बढ़ती है इम्यूनिटी

चिलगोजे के सेवन से शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। चिलगोजे में ऐंटिबैक्टीरियल और ऐंटिवायरल गुण होते हैं, जिसके कारण ये शरीर में मौजूद हानिकारक केमिकल्स से रक्षा करता है और इसमें मौजूद ऐंटिऑक्सिडेंट्स शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। चिलगोजे के तेल का उपयोग कई ऐंटिसेप्टिक दवाओं और ऐंटि-फंगल क्रीम में भी किया जाता है।

प्रेगनेंसी में फायदेमंद

चिलगोजा आयरन का बेहतरीन स्रोत है इसलिए गर्भावस्था में इसका सेवन बहुत फायदेमंद होता है। इसके सेवन से अनीमिया नहीं होता है और ये भ्रूण के स्वस्थ विकास में भी सहायतक होता है। लाइसिन एक जरूरी अमीनो ऐसिड है, जो चिलगोजे में पाया जाता है।

फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक

फैटी ऐसिड और आयरन से भरपूर चिलगोजा प्राचीन काल से ही पुरुषों की नपुंसकता की समस्या दूर करने में सहायक रहा है। चिलगोजे का फैटी ऐसिड सेक्शुअल फर्टिलिटी को बरकरार रखने में और स्पर्म प्रॉडक्शन के साथ ही टेस्टोस्टेरॉन को बढ़ाने में मदद करता है जिससे आपकी ओवरऑल सेक्शुअल हेल्थ बरकरार रहती है।

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