Healthy Eating: जानें क्या है कच्ची घानी तेल, क्यों रूजुता दिवेकर मानती हैं इसे हेल्दी !

चक्की या घानी में पारम्परिक तरीके से प्रोड्यूस किया गया तेल ही कच्ची घानी तेल कहलाता है। यह तेल 'कोल्ड प्रेस्ड' प्रणाली से तैयार किए जाते हैं।पारम्परिक तरीके से तेल का उत्पादन करते समय ये पोषक तत्व और गुणवत्ता बचा ली जाती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 1, 2019 5:42 PM IST

कच्ची घानी तेल वाले एडवरटाइजमेंट आपने ने भी देखे ही होंगे। कूकिंग के लिए तेल या ऑयल बहुत अहम घटक है। यह हमारे शरीर को आवश्यक औऱ हेल्दी फैट्स उपलब्ध कराते हैं। कच्ची घानी तेल या कोल्ड-प्रेस्ड ऑयल (Cold Pressed Oil) में बना भोजन खाने की सलाह सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और डायट एक्सपर्ट रुजुता दिवेकर भी देती हैं। (Cold Pressed Oil is Healthy)

क्या है कच्ची घानी तेल:

चक्की या घानी में पारम्परिक तरीके से प्रोड्यूस किया गया तेल ही कच्ची घानी तेल कहलाता है। यह तेल 'कोल्ड प्रेस्ड' प्रणाली से तैयार किए जाते हैं। रिफाइंड तेल जो नयी तकनीक में मशीनों से तैयार किया जाता है। उसमें तेल की क्वालिटी व्यापक तरीके से प्रभावित होती है। तेल के पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं। जबकि पारम्परिक तरीके से तेल का उत्पादन करते समय ये पोषक तत्व और गुणवत्ता बचा ली जाती है। (Cold Pressed Oil health benefits)

गुड कोलेस्ट्रॉल का भंडार है कोल्ड प्रेस्ड ऑयल:

हेल्दी फैट्स से शरीर को गुड कोलेस्ट्रॉल प्राप्त होता है।  मूफा, पूफा, ओमेगा 3फैटी एसिड्स जैसे तत्व गुड कोलेस्ट्रॉल का स्रोत हैं। कच्ची घानी में तैयार किया तेल में ये सभी तत्व बरकरार रहते हैं, और आपको कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थ के साथ जोड़ों में दर्द और  बेहतर इम्यूनिटी भी प्राप्त होती है।

एंटी-ऑक्सिडेंटस् से भरपूर है कच्ची घानी तेल:

नैचुरल ऑयल्स में कई एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं। रिफाइंड तेल को बनाते समय सोडियम और ब्लीचिंग एजेंट्स जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन सारी प्रक्रियाओं से गुज़रने के कारण तेल के सारे विटामिन्स, प्रोटीन और एंटी-ऑक्सिडेंट्स खत्म हो जाते हैं। इसीलिए अगर आप किसी तिलहन के फायदे पाने के लिए उससे बना तेल खाना चाहते हैं. तो कच्ची घानी या कोल्ड प्रेस्ड तरीके से तैयार किया गया तेल ही इस्तेमाल करें।

कच्ची घानी तेल रखता है त्रिदोष दूर:

प्रकृति के आधार पर हमारा शरीर तीन कैटेगरीज़ में बांटा जाता है। भोजन की मदद से आपके शरीर के इन  दोषों को  नियंत्रित करने में मदद होती है। लेकिन रिफाइंड पद्धति से जो तेल तैयार किया जाता है, उनमें  पोषक तत्व लगभग नदारद से होते हैं। इसीलिए अगर आप कच्ची घानी तेल खाएंगे तो शरीर को वात,पित्त और कफ जैसे प्रकृति दोष को नियंत्रित करने में मदद होती है।

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