Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
- वेब स्टोरीज
खाने की कोई चीज कितनी असली है और कितनी नहीं, इस बात से पता चलता है कि उसमें किस स्तर तक मिलावट हुई है। खाने की चीजों को आमतौर पर पर 3 कैटेगरी में रखा जाता है- प्रोसेस्ड फूड, अनप्रोसेस्ड फूड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड। ज्यादातर लोगों ने ये तीनों नाम तो सुने होते हैं लेकिन ये क्या हैं, सेहत के लिए कितने खतरनाक हैं और कौन सा फूड आइटम किस लिस्ट में आता है, नहीं पता होता है। छोटे बच्चे अक्सर बाहर की चीजें खाना पसंद करते हैं जो पेरेंट्स को मजबूरन उन्हें देनी पड़ती है। जब तक पेरेंट्स को इस बात की स्पष्टता नहीं होगी वो बच्चों को भी नहीं समझा पाएंगे। आज हम आपको एकदम आसान भाषा में बताएंगे कि प्रोसेस्ड, अनप्रोसेस्ड, और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड कौन से होते हैं और छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक क्या है।
जब खाने पीने की किसी नेचुरल चीज के साथ बदलाव किया जाता है तो वो प्रोसेस्ड फूड बन जाते हैं। उदाहरण से समझते हैं। जब मटर, गोभी, मूली या गाजर आदि को सीजन के समय धूप में सुखाकर भविष्य के लिए स्टोर किया तो ये प्रोसेस्ड फूड होते हैं। अगर आप इसे और आसान भाषा में समझना चाहते हैं तो प्रोसेस्ड फूड वो होते हैं जब किसी भी नेचुरल चीज को काटकर, सुखाकर, उबालकर या डीप फ्रीज करके महीनों या सालों तक उन्हें खाने लायक बनाया जाता है। कई बार लोग इनमें सुविधानुसार नमक या चीनी का इस्तेमाल करते हैं। आचार, सुखोता, पनीर, दही, मूंगफली का पेस्ट आदि प्रोसेस्ड फूड के उदाहरण हैं।
खाने पीने की जिस चीज के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं की जाती वो अनप्रोसेस्ड फूड होते हैं। आसान भाषा में ऐसे समझें कि ऐसे फूड को खेतों से सीधा आपकी थाली में आ रहे हैं वो अनप्रोसेस्ड फूड हैं। इन्हें न ही मशीनों और फैक्ट्रियों में प्रोसेस किया जाता है और न ही कुछ मिलाया जाता है। फल, सब्जियां, सलाद, दालें, दूध और साबुत अनाज अनप्रोसेस्ड फूड के कुछ उदाहण हैं। अगर अनप्रोसेस्ड फूड और प्रोसेस्ड फूड में अंतर की बात करें तो साफ है कि जो चीजें जैसी उग रही हैं और उन्हें आप वैसे ही खा रहे हैं तो वो अनप्रोसेस्ड फूड हैं। लेकिन अगर चीजों को बदला जा रहा या डिब्बे में बंद होकर आप तक पहुंच रही हैं तो वो प्रोसेस्ड फूड हैं।
जिन चीजों को फैक्ट्री या मशीनों में रंग और कैमिकल डालकर बदला जाता है उन्हें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कहते हैं। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में न्यूट्रीशन का लेवल ना मात्र होता है और कैमिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं। ये न तो हमारी सेहत को कोई फायदा पहुंचाते हैं बल्कि ऑर्गेन को और ज्यादा खराब करते हैं। पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, नूडल्स, केक और पैकेट बंद आदि इसके उदाहरण हैं। ऐसी चीजों में प्रिजर्वेटिव्स, आर्टिफिशियल रंग और सोडियम उच्च मात्रा में होता है।
बच्चों को सीमित मात्रा में प्रोसेस्ड फूड देना सुरक्षित होता है। लेकिन अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड बच्चों की सेहत के लिए बिल्कुल सही नहीं होते हैं। इनमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर न मात्र के होते हैं जो बच्चों के विकास के लिए बहुत जरूरी है। अगर बच्चा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड लंबे समय तक खाता है तो लाइफस्टाइल बीमारियांजैसे कि डायबिटीज, लो-हाई ब्लड प्रेशर, गट प्रॉब्लम और नर्वस सिस्टम संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को पिज्जा, चिप्स और नूडल्स जैसी चीजें देने के बजाय घर में बने हेल्दी स्नेक्स जैसे कि भुने हुए मखाने, घर में बने आटे के बिस्कुट, घर में बनी आटा नूडल्स और नींबू पानी व छाछ जैसी दी जानी चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।