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हमेशा कुछ न कुछ खाते रहते हैं ? हो सकती है आपको फूड एडिक्शन की बीमारी

इस तरह की बीमारियों के लिए कई तरह की थेरेपी का सहारा लिया जाता है। कॉगनेटिव बिहेवियर थेरपी के जरिये इसका इलाज संभव है।

आदत हो या लत किसी भी चीज की लग सकती है। अभी तक आपको लगता होगा कि लत अक्सर बुरी चीजों की ही लगती है। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो यह बिल्कुल गलत है। क्योंकि कुछ भी अधिक करना वह लत हो जाता है। कोई भी लत जब अत्यधिक हो जाती है तो वह परेशानियों का कारण बनने लगती है।

कुछ लोगों को खाने की लत लग जाती है जिसे फूड एडिक्शन कहते हैं। एक्सपर्ट्स की माने तो यह एक मानसिक बीमारी का हिस्सा है। आपको अगर फूड एडिक्शन हो जाए तो आप लगातार कुछ न कुछ खाने की आदत के शिकार हो जाते हैं। हमेशा कुछ न कुछ खाते रहना हेल्थ के लिए फायदेमंद नहीं होता है। यह तरह-तरह की बीमारियों को जन्म देने लगता है। वेटलॉस में कारगर है गाजर का जूस, जानें गाजर सेवन 4 फायदे।

लगातार कुछ न कुछ खाने की लत के कारण लोगों का वजन बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। वजन बढ़ने के कारण मोटापा और ब्लडप्रेशर जैसी गंभीर बीमारियां होने लगती हैं।

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क्या है फूड एडिक्शन 

खाने की चीजों को लेकर लगातार सोचते रहना। हमेशा कुछ न कुछ खाते रहना। खाने की कोई चीज हो उसकी मात्रा को लेकर संतुलन न रख पाना। बहुत ज्यादा खाना और भूख न होने के बावजूद खाते रहना। ये कुछ सामन्य लक्षण हैं जो फूड एडिक्शन में होते हैं। फूड एडिक्शन एक मानसिक बीमारी हो सकती है। इसका समय पर निदान आवश्यक है, निदान के बाद इसका इलाज भी संभव है।

क्यों होता है फूड एडिक्शन 

कई मामलों में देखा गया है कि यह एक हार्मोनल चेंज की वजह से होने वाली बीमारी है। किसी भी खाने की चीज हो या कोई नशे की चीज उसकी लत दिमाग की संतुष्टि से जरूर जुड़ा हुआ होता है। इंसान के दिमाग में डोपामाइन नामक हार्मोन के कारण सामान्यतया यह होता है। डोपामाइन के कारण इंसान को किसी चीज को करने या यूज करने से खुशी की अनुभूति होती है। यह इंसान की भावना से जोड़ने का काम करता है। इसी के कारण इंसान का लगाव किसी एक चीज से हो जाता है और वह आदत या लत हो जाती है। कठिन दौर में मेडिटेशन है सबसे बड़ी दवा, जानें मेडिटेशन के 7 फायदे।

फूड एडिक्शन का इलाज 

इस तरह की बीमारियों के लिए कई तरह की थेरेपी का सहारा लिया जाता है। कॉगनेटिव बिहेवियर थेरपी के जरिये इसका इलाज संभव है। इसमें इसके शिकार इंसान को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाता है। इंसान में हो रहे बदलावों को अध्ययन किया जाता है और नेगेटिव बातों को दूर किया जाता है। इसके अलावा न्यूट्रीशन थेरपी का भी सहारा कई मामलों में लिया जाता है। इस थेरेपी में कई तरह के पोषक तत्वों का सहारा लिया जाता है जो इंसान के दिमाग में होने वाले रासायनिक चेंज को सामान्य करते है। बेली फैट कम करना है तो रात में सोने से पहले पीएं ये 4 हेल्दी ड्रिंक्स।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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