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Why do we eat sweets at the end of a meal : खाना खाने के बाद मीठा खाना कई लोगों को पसंद होता है। भारतीय घरों में अगर किसी तरह के फंक्शन में खाने में अगर मीठा न हो, तो वह खाना अधूरा माना जाता है। कई लोगों को खाने के तुरंत बाद मीठा खाने की क्रेविंग्स भी होती है। क्या आपने कभी ऐसा जानने की कोशिश की है कि आखिर खाने के तुरंत बाद मीठा खाने की इच्छा या फिर मीठा क्यों खाया जाता है? अगर नहीं, तो इस विषय की जानकारी हम आपको इस लेख के जरिए देंगे। डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी का कहना है कि खाना खाने के बाद मीठा खाने की परंपरा सदियो पुरानी है, यह हेल्थ के लिहाज से भी सही होता है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
डायटीशियन का कहना है कि खाना जब हम खाने लगते हैं, तो बॉडी में खाने की एक नियमित मात्रा ही पेट में जाती है। उस खाने से शुगर रिलीज होने में समय लगता है, यह समय करीब 1 से 2 घंटे का हो सकता है। ऐसे में खाना खाने के बाद एनर्जी की फीलिंग नहीं आती है, ऐसे में इंस्टेंट एनर्जी लाने के लिए मीठा खाया जाता है।
जब आप मीठा खाते हैं, तो तुरंत ही हमारे ब्लड में ग्लूकोज रिलीज होने लगता है, जिससे आपको गुड फीलिंग आती है और एनर्जेटिक भी महसूस होता है। हालांकि, इसकी एक सीमा है कि आपको खाना खाने के तुरंत बाद कितनी मात्रा में चीनी या मीठा खाना चाहिए।
खाना खाने के बाद मीठा खाने की सीमा WHO द्वारा निर्धारित की गई है कि कितना मीठा खाना चाहिए। WHO के मुताबिक, हमारी डाइट में मीठे का टोटल इनटेक 5 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। जैसे आप 95 फीसदी डाइट लें और 5 फीसदी मीठा कुछ ले सकते हैं। जैसे - 1 छोटे आकार का लड्डू, चॉकलेट का 1 छोटे टुकड़े का हिस्सा इत्यादि।