
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 15, 2020 12:33 PM IST
स्तनपान के बाद शिशु के लिए भोजन चुनते वक्त इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे सुरक्षित आहार होता है और छह महीने तक शिशु को केवल मां के दूध के सेवन की ही सलाह दी जाती है। आमतौर पर जन्म के छह महीने बाद शिशुओं को दिए जाने वाले भोजन में अनाज आधारित चीजें जैसे कि दलिया, गेंहू और दाल आदि शामिल की जाती है। लेकिन इन सब चीजों के बाद भी, आपके बच्चे को कई पोषक तत्वों और विटामिनों की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा, बढ़ती उम्र के साथ बच्चे के आहार में अन्य चीजों को शामिल करना और उनकी भोजन की गुणवत्ता की जांच करना भी आवश्यक हो जाता है। इस लिहाज से, आज हम आपको पांच ऐसी बातें बताएंगे, जिन्हें हर माता-पिता को अपने नवजात बच्चे के लिए भोजन चुनते समय ध्यान रखनी चाहिए।
छह महीने के बाद, जब आपका बच्चा खाना और पीना शुरू कर देता है तब आपको उनके भोजन में चीनी और नमक दोनों का अनुपात रखने की आवश्यकता होती है। डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों के भोजन में नमक और चीनी की मात्रा बहुत सीमित होनी चाहिए। ध्यान रखें कि चीनी के बजाय आप उनमें गन्ने का रस, फ्रुक्टोज, मेपल और कॉर्न सिरप मिला सकते हैं। क्योंकि शुरू से ही, अगर आप बच्चे को ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ दे रहे हैं, तो इससे बच्चे में मोटापा, दंत समस्याओं और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, बच्चा स्तनपान करके अपनी दैनिक सोडियम आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, इसलिए उसे अन्य सब्जी और अनाज-आधारित पूरक प्रदान करते हुए अतिरिक्त सोडियम (यानी, नमक) देने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है तो उसके मस्तिष्क और शरीर को सही तरह से काम करने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इसलिए बच्चे को शुरुआत से ही ऐसी चीजें खिलाएं उनमें आवश्यक पोषक तत्व जैसे ओमेगा-3, आयरन, कैल्शियम, विटामिन-डी और विटामिन-बी 12 आदि हों। ये तत्व बच्चे के मस्तिष्क और शुरुआती विकास में मदद कर सकते हैं। कैल्शियम बच्चे की हड्डियों को मजबूत करेगा, जबकि विटामिन बच्चे की आंखों को तेज करने और मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करेंगे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, बच्चे को अंडे, दाल और सब्जी का सूप आदि बनाकर दिया जा सकता है।
बच्चों को रंगीन भोजन पसंद होता है, लेकिन यह उनकी सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। आर्टिफिशियल फूड्स कलर्स में कई खतरनाक कैमिकल्स होते हैं, जो बच्चों को कई बीमारियों का शिकार बना सकते हैं। साथ ही इन रंगों का उपयोग करने से बच्चों में एडीएचडी जैसे व्यवहार संबंधी विकार भी पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा, बच्चे को एंजाइम से संबंधित कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। इसके लिए बच्चे को चॉकलेट, कैंडी, रंगीन पेय से दूर रखने का प्रयास करें।
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