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Written By: Anshumala | Published : October 17, 2018 3:13 PM IST
करौंदा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। © Shutterstock
क्या आपको यूरिन इंफेक्शन की समस्या अक्सर रहती है? यदि हां, तो इससे निपटने के लिए करौंदे का सेवन नियमित रूप से करें। एक शोध में कहा गया है कि करौंदा खाने वालों में यह बीमारी कम पाई जाती है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में यह शोध किया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि करौंदे या उसके जूस का नियमित सेवन करने से यूटीआई की समस्या नहीं होती। महिलाओं को खासकर इसका सेवन करना चाहिए, क्योंकि उनमें यूटीआई की समस्या अधिक देखने को मिलती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, करौंदा मूत्र नलिका के टिश्यू को बैक्टिरिया से बचाता है। शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि जिन लोगों को यूटीआई में संक्रमण नहीं होता, उनके लिए भी करौंदे का सेवन फायदेमंद होता है, क्योंकि यह अन्य संक्रमणों से भी बचाता है। इसके अलावा, इसे खाने से क्या-क्या सेहत लाभ मिलते हैं, जानें...
- यह एक खट्टा फल होता है। इसे क्रेनबेरी कहते हैं। भारतीय घरों में अमतौर पर इससे सब्जी, चटनी, मुरब्बे और अ़चार बनाए जाते हैं। इसमें विटामिन सी, एंटी-ऑक्सीडेंट, आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। करौंदा खाने से भूख बढ़ती है। पित्त शांत होता है। अधिक प्यास लगने की समस्या दूर होती है। लूज मोशन की समस्या समाप्त होती है।
- करौंदा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। करौंदे में विटामिन सी, ई और के प्रचुर मात्रा में होने के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट भी होता है जो अन्य फलों तथा सब्जियों की तुलना में काफी अधिक है। इसके साथ ही इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, जिंक आदि भी भरपूर होता है। ये सभी तत्व शरीर को हेल्दी रखने के लिए जरूरी होते हैं।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कम कैलोरी होने के कारण वजन भी घटता है। ऐसे में इससे बनी सब्जी, अचार आदि का सेवन जरूर करें। स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण कर रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।
- यूरिन इंफेक्शन से अक्सर परेशान रहते हैं, तो इसे प्रतिदिन खाएं। मूत्र प्रणाली के रोगों में यह बहुत उपयोगी है। इसमें विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट, सेलीसायलिक एसिड, प्रोएंथोसायनेडिंस होते हैं, जो ब्लैडर की वॉल पर बैक्टीरिया और कोशिकाओं को मिलने से रोकते हैं। ऐसे में करौंदा खाने और इसके रस को पीने से यूटीआई की समस्या ठीक होती है।
- दिल की बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो करौंदा खाएं। यह दिल के रोगों और डायबिटीज से बचाने में मददगार है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर ह्रदय संबंधी रोगों से बचाता है।
- करौंदे के ताजे पत्ते लेकर उनका रस निकालें। छानकर ड्रॉपर से दो-दो बूंद आंखों में डालने से शुरुआती मोतियाबिंद खत्म हो जाता है।
- करौंदे के बीजों के रोगन (बीजों को पीसकर तेल में पकाया हुआ तेल) को मलने से हाथ-पैर की बिवाई होने पर बेहतर लाभ होता है।
- करौंदे के कच्चे फल की सब्जी खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है साथ ही बुखार होने पर करौंदे के पत्ते का क्वाथ पिलाना लाभदायक होता है।