प्रदूषण का असर कम करने के लिए ये आयुर्वेदिक काढ़ा, फेफड़ों में नहीं जमा हो पाएगी गंदगी

देश के कई शहरों में इन दिनों प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा हो गया है। प्रदूषण के कारण बीमारी न हो इसके लिए हम आपको एक स्पेशल काढ़े के बारे में बताने (Pradushan ka asar kam karne wala Kadha) जा रहे हैं।

प्रदूषण का असर कम करने के लिए ये आयुर्वेदिक काढ़ा, फेफड़ों में नहीं जमा हो पाएगी गंदगी
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Written by Ashu Kumar Das |Published : October 29, 2025 12:10 PM IST

Kadha recipe to protect your lungs from pollution: देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, बेंगलुरु, पटना और मुंबई जैसे कई शहरों में इन दिनों प्रदूषण का स्तर एक बार फिर से ज्यादा हो गया है। हवा में घुले प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस लेने, गले में खराश, सीने में दर्द और कई अन्य प्रकार की परेशानियां हो रही हैं। ऐसे में जरूरी है कि जहरीली हवा में सांस लेने के लिए अपने लंग्स को मजबूत बनाया जाए। शरीर पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने और बीमारियों से बचाव के लिए हम आपको एक स्पेशल आयुर्वेदिक काढ़े के बारे में बताने जा रहे हैं। इस काढ़े की रेसिपी न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है।

वायु प्रदूषण के प्रभाव को कैसे कम करता है काढ़ा

न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि इस काढ़े में कई प्रकार की औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। जो फेफड़ों को साफ करके बीमारियों से राहत दिलाती है।

  1. तुलसी के पत्ते- इस काढ़े में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी के पत्ते प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर जो बलगम को साफ करते हैं और बेहतर सांस लेने में मददगार होते हैं।
  2. लौंग- लौंग के पोषक तत्व गले फेफड़ों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। साथ ही, वायु प्रदूषण से कारण होने वाली गले की जलन को कम करते हैं।
  3. हल्दी - हल्दी में करक्यूमिन होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालकर सूजन को घटाता है।
  4. काली मिर्च- काली मिर्च के पोषक तत्व हल्दी के अवशोषण को बढ़ाता है और आपके शरीर को तेजी से डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।
  5. गुड़- गुड़ के प्राकृतिक तत्व फेफड़ों को साफ करने वाले एक सौम्य पदार्थ की तरह काम करता है, जो महीन धूल और प्रदूषकों को हटाने में फायदेमंद होता है।
  6. नींबू रस- नींबू में विटामिन सी पाया जाता है। विटामिन सी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है और शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ाता है।

आयुर्वेदिक काढ़े की रेसिपी

इस काढ़े को बहुत ही आसानी तरीके से बनाया जा सकता है। आप नीचे बताए गए 5 स्टेप को फॉलो करके इसे बना सकते हैं।

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सबसे पहले एक पैन में 3 कप पानी को गर्म कर लें।

गर्म पानी में 4-5 तुलसी के पत्ते, 5 पीस काली मिर्च, 1 छोटा टुकड़ा गुड़ और हल्दी डालकर उबालें।

आपको इस मिश्रण को आधा होने तक अच्छे से पकाना है।

पकाने के बाद इसे छलनी से छानकर एक गिलास में निकालें और नींबू का रस डालकर पिएं।

न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, इस काढ़े का सिर्फ आधा से एक तिहाई कप दिन में एक बार पीने से आपको अपने अंदर से अच्छा महसूस होने लगेगा।

किसे नहीं पीना चाहिए ये काढ़ा

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि यूं तो ये काढ़ा वायु प्रदूषण से बचाव करता है। लेकिन कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। आइए आगे जानते हैं इसके बारे में..

जो लोग पहले से किसी प्रकार की खून को पतला करने वाली दवा ले रहे हैं।

जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल पहले कम हो।

2 साल की कम उम्र के बच्चे और दवा लेने वाले बुजुर्ग

प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाएं।

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Highlights

  • दिल्ली-नोएडा समेत देश के कई शहर वायु प्रदूषण की चपेट में है।
  • वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से कई बीमारियों का खतरा होता है।
  • बीमारियों से बचाव करने में आयुर्वेदिक काढ़े फायदेमंद होते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।