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Written By: Anshumala | Updated : November 27, 2020 12:00 PM IST
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सक्षम मप्र के कड़कनाथ मुर्गे की मांग बढ़ी, जानिए इसकी खासियत और फायदे।
Kadaknath Murga Benefits: कोरोना काल (Corona Era) में लोगों द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता (How to boost immunity) बढ़ाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं और इसी के चलते कड़कनाथ मुर्गो की मांग भी बढ़ गई है। मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में पाए जाने वाले कड़कनाथ मुर्गा (Kadaknath Murga in hindi) रोग प्रतिरोधिक क्षमता बढ़ाने में मददगार है। प्रदेश का प्रसिद्ध कड़कनाथ मुर्गा रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ कम वसा, प्रोटीन से भरपूर, हृदय-श्वास और एनीमिक रोगी के लिए लाभकारी है (Kadaknath Murga Health Benefits in hindi)।
कोरोना काल में लोगों का खास ध्यान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने (Foods to boost immunity) पर है। इसी के चलते कड़कनाथ मुर्गे की मांग भी बढ़ी है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य शासन ने इसके उत्पादन और विक्रय को बढ़ाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। इससे कुक्कुट पालकों की आय में भी इजाफा होगा। कड़कनाथ मुर्गे का शरीर, पंख, पैर, खून, मांस सभी काले रंग का होता है। कड़कनाथ को पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अधिकृत विक्रेता चिकन पार्लर पर उपलब्ध कराया गया है।
पशु पालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जे. एन. कंसोटिया ने बताया, "कड़कनाथ कुक्कुट पालन को सहकारिता के माध्यम से बढ़ावा देने के लिए कड़कनाथ (Kadaknath Murga) के मूल जिलों झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और धार जिलों की पंजीकृत कड़कनाथ कुक्कुट पालन समितियों के अनुसूचित जनजाति के 300 सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। झाबुआ जिले का चयन कड़कनाथ की मूल प्रजाति के कारण जीआई टैग के लिए पहले ही किया जा चुका है। योजना में 33 प्रतिशत महिलाओं को स्थान दिया गया है।"
प्रत्येक चयनित हितग्राही को निशुल्क 28 दिन के वैक्सीनेटेड 100 चूजे, दवा, दाना-पानी का बरतन और प्रशिक्षण देने के साथ ही उनके निवास पर शेड भी बनाकर दिया जायेगा। राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम पालन-पोषण, प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग, दवा प्रदाय और मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
ज्ञात हो कि मशहूर क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भी कड़कनाथ (Kadaknath Chicken) के चूजों की बुकिंग करा चुके हैं। आने वाले दिनों में यह चूजे धोनी के रांची स्थित फार्म हाउस में नजर आएंगे।
1 कड़कनाथ चिकन या मुर्गा कई खूबियों और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें दूसरी मुर्गा प्रजातियों के मांस के मुकाबले चर्बी और कोलेस्ट्रॉल काफी कम होता है, जबकि प्रोटीन और आयरन की मात्रा अपेक्षाकृत बहुत अधिक होती है।
2 चूंकि कड़कनाथ मुर्गे का मांस, खून, पंख, चोंच, पैर, चमड़ी आदि सब कुछ काले रंग का ही होता है, इसलिए इसे स्थानीय भाषा में 'कालीमासी' भी कहते हैं।
3 कहा गया है कि यह हृदय और डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत हेल्दी होता है। कोरोना काल में कड़कनाथ की मांग बढ़ रही है। इसमें अन्य मुर्गों के मुकाबले 25-27 प्रतिशत प्रोटीन होता है। कड़कनाथ सेक्सुअल समस्याओं को भी दूर करता है। यह यौन शक्ति बढ़ाता है।
4 इस मुर्गें में विटामिन बी1, बी2, बी6 और बी12 काफी अधिक होता है। इसके मांस के सेवन से आंखों की समस्याओं से बचाव होता है, आंखों की रोशनी बढ़ती है।
5 सर्दियों के मौसम में इसे खाना बेहतर होता है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। इसका मांस नर्म होता है, जो जल्दी और आसानी से पक जाता है।
6 प्रति 100 ग्राम मुर्गे (Kadaknath Murga benefits) में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 184 मिलीग्राम होता है, जबकि अन्य मुर्गों में 218 मिलीग्राम ही कोलेस्ट्रॉल होता है। इसके अलावा इसमें लीनोलीक एसिड, आयरन की मात्रा भी काफी अधिक होती है। ऐसे में महिलाओं को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। इसके मांस के सेवन से कैंसर रोगियों को भी लाभ होता है।
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