मोटापा ही नहीं डिप्रेशन भी बढ़ा रहे हैं आपके फेवरेट पिज्जा, मोमोस और कोल्ड ड्रिंक- स्टडी

हार्वर्ड चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जंक फूड का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से डिप्रेशन का खतरा ज्यादा होता है।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 11, 2026 11:00 AM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पिज्जा, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और इंस्टेंट नूडल्स जैसे जंक फूड हमारे रोजाना के खाने का अहम हिस्सा बन चुके हैं। जंक फूड न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि आसानी से पकाए और किसी भी गली- नुक्कड़ के कोने पर मिल जाते हैं। भारत में जंक फूड का एक बड़ा मार्केट है। लेकिन आपको यह बात जानकर हैरानी होगी जुबान को लुभाने वाला जंक फूड दिमाग के लिए नुकसानदायक होता है। हार्वर्ड चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ज्यादा जंक फूड खाना सिर्फ मोटापा या डायबिटीज ही नहीं, बल्कि डिप्रेशन और मानसिक बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है।

डिप्रेशन को कैसे बढ़ाता है जंक फूड

हार्वर्ड चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि जो लोग ज्यादा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड यानी अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड खाते हैं, उनमें डिप्रेशन का खतरा लगभग 50 फीसदी तक ज्यादा देखा गया है। इस स्टडी में 31 हजार से अधिक महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया गया था। इस रिसर्च को करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि रोजाना ज्यादा पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड खाने वालों में मूड डिसऑर्डर की समस्या होती है। दरअसल, इस तरह के पैकेज्ड फूड में आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल किया जाता है। आर्टिफिशियल स्वीटनर का सीधा कनेक्शन डिप्रेशन और मानसिक बीमारियों से है।

जंक फूड दिमाग पर कैसे असर डालता है?

  1. रिसर्च बताती है कि ज्यादा मात्रा में जंक फूड खाने से शरीर की सूजन बढ़ती है। जंक फूड में चीनी, अनहेल्दी फैट और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इन चीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन बढ़ा सकते हैं। इससे दिमाग में सूजन होती है और यह डिप्रेशन का कारण बनती है।
  2. हमारे पेट और दिमाग का सीधा संबंध होता है, जिसे “Gut-Brain Axis” कहा जाता है। जंक फूड ज्यादा मात्रा में खाने से पेट में गुड बैक्टीरिया कम होने लगते हैं। इससे डाइजेशन खराब होने लगता है। इससे शरीर में हैप्पी हार्मोन की कमी होने लगती है। हैप्पी हार्मोन की कमी होने से मानसिक उदासी, चिंता और तनाव बढ़ सकता है।
  3. रिसर्च के अनुसार, कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयां और प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल अचानक से बढ़ता है। और थोड़ी देर बाद शरीर का ब्लड शुगर तेजी से गिरता भी है। ब्लड प्रेशर कम या ज्यादा होने से मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, शारीरिक थकान की समस्या ज्यादा होती है।

जंक फूड दिमाग को नुकसान पहुंचाता है।

कौन से फूड दिमाग को नुकसान पहुंचाते हैं?

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कुछ खास प्रकार के प्रोसेस्ड फूड को खाने से दिमाग को नुकसान पहुंचता है। इसमें प्रमुख रूप से शामिल है:

  1. पैकेट वाले चिप्स
  2. 2 मिनट वाले नूडल्स
  3. कोल्ड ड्रिंक्स
  4. प्रोसेस्ड और पैकेट वाले मीट
  5. पैकेज्ड बेकरी आइटम
  6. फ्रोजन फूड्स
  7. रेडी- टू - ईट फूड्स

जो लोग इस तरह के फूड्स रोजाना खाते हैं, उनमें डिप्रेशन, एंग्जाइटी और विभिन्न प्रकार की मानसिक परेशानियां कम होती हैं।

Heat stress and mental health: Expert explains how rising temperatures affect your mood, sleep, and brain function फाइल फोटो

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए क्या खाएं?

हार्वर्ड हेल्थ की रिसर्च बताती है कि कुछ खास प्रकार के फूड्स मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं। डिप्रेशन, एंजाइटी और मानसिक बीमारियों को दूर रखने के लिए नीचे बताए गए फूड्स को डाइट में जरूर शामिल करें।

  1. हरी सब्जियां
  2. फल
  3. दालें
  4. नट्स
  5. सीड्स
  6. ओमेगा- 3 रिच फूड
  7. योगर्ट

भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच आप भी मानसिक परेशानियां, डिप्रेशन और एंजाइटी जैसी समस्याएं नहीं चाहते हैं तो जंक फूड से दूरी बनाएं और रोजाना की डाइट में हेल्दी फूड्स की मात्रा बढ़ाएं।

Disclaimer: रिसर्च के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि जंक फूड केवल वजन बढ़ाने का कारण नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आप लंबे समय से तनाव, उदासी या मूड स्विंग्स की परेशानी महसूस कर रहे हैं अपने खानपान को संतुलित करें।

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