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Juice v/s Fruits : मॉनसून में क्‍या है बेहतर जूस पीना या फल खाना

इन दिनों लोगों में फलों की बजाए जूस पीने (Juice v/s Fruits)  का चलन ज्‍यादा बढ़ रहा है। यह ज्‍यादा सुविधाजनक भी है। इसे जब चाहें पिया जा सकता है और पैक्‍ड जूस को स्‍कूल या ऑफि‍स में कैरी भी किया जा सकता है। पर यह कहीं से भी फलों का विकल्‍प नहीं हो सकता।

Juice v/s Fruits : मॉनसून में क्‍या है बेहतर जूस पीना या फल खाना
इन दिनों लोगों में फलों की बजाए जूस पीने (Juice v/s Fruits)  का चलन ज्‍यादा बढ़ रहा है। यह ज्‍यादा सुविधाजनक भी है। इसे जब चाहें पिया जा सकता है और पैक्‍ड जूस को स्‍कूल या ऑफि‍स में कैरी भी किया जा सकता है। पर यह कहीं से भी फलों का विकल्‍प नहीं हो सकता। © Shutterstock.

Written by Yogita Yadav |Published : July 12, 2019 1:51 PM IST

अगर आप यह सोच रहे हैं कि फल खाने की बजाए जूस पी लेना (Juice v/s Fruits) ही बेहतर है, तो सेहत के मामले में यह एक गलत निर्णय हो सकता है। हालांकि जूस भी सेहत के लिए अच्‍छे हैं पर इन्‍हें फल का विकल्‍प मान लेने में कुछ दिक्‍कते हैं। खासतौर से मॉनसून में तो आहार विशेषज्ञ आपको ताजे फल खाने की ही सलाह देते हैं। बजाए पैक्‍ड या खुला जूस पीने के। आइए जानते हैं क्‍या है सेहत के लिए ज्‍यादा बेहतर जूस या फ्रूट (Juice v/s Fruits)

बढ़ रहा है फलों की बजाए जूस पीने चलन (Juice v/s Fruits) 

इन दिनों लोगों में फलों की बजाए जूस पीने (Juice v/s Fruits)  का चलन ज्‍यादा बढ़ रहा है। यह ज्‍यादा सुविधाजनक भी है। इसे जब चाहें पिया जा सकता है और पैक्‍ड जूस को स्‍कूल या ऑफि‍स में कैरी भी किया जा सकता है। पर यह कहीं से भी फलों का विकल्‍प नहीं हो सकता। कई खास पोषक तत्‍व हैं जो फल से जूस बनने की प्रक्रिया में समाप्‍त हो जाते हैं। वहीं मॉनसून के मौसम में संक्रमण का खतरा भी बना रहता है।

जानिए क्‍या है बेहतर फ्रूट या जूस (Juice v/s Fruits) 

[caption id="attachment_676558" align="alignnone" width="655"]juice v/s fruits, fruits benefits, juice benefits, healthy diet for monsoon. फलों में मौजूद फाइबर पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। यह पानी के अवशोषण में मदद करते हैं, जिससे बॉडी ज्‍यादा समय तक हाइड्रेट रहती है। जबकि जूस बनाने की प्रक्रिया में फाइबर निकल जाते हैं। © Shutterstock.[/caption]

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जसू में नहीं होता फाइबर

अगर बात फाइबर की हो तो फल जूस (Juice v/s Fruits)  से कही ज्‍यादा बेहतर हैं। फलों में मौजूद फाइबर पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। यह पानी के अवशोषण में मदद करते हैं, जिससे बॉडी ज्‍यादा समय तक हाइड्रेट रहती है। जबकि जूस बनाने की प्रक्रिया में फाइबर निकल जाते हैं।

तेजी से बढ़ता है ब्‍लड शुगर

शरीर को फूट और वेजिटेबल्स अब्जॉर्ब करने में जितना समय लगता है, उससे कम समय में जूस अब्जॉर्ब हो जाता है। ऐसे में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। कई फलों के छिलके में बड़ी मात्रा में फाइबर मौजूद होते हैं। कुछ फलों के छिलकों में कैंसर रोकने वाले न्यूट्रिशंस भी होते हैं। जबकि पैकिंग में यूज होने वाले फ्रूट से फलों के छिलके हटा दिए जाते हैं। वहीं डाइबिटीज के पेशेंट के लिए जूस पीना (Juice v/s Fruits) हेल्‍दी विकल्‍प नहीं है।

[caption id="attachment_676559" align="alignnone" width="655"]juice v/s fruits, fruits benefits, juice benefits, healthy diet for monsoon. शरीर को फूट और वेजिटेबल्स अब्जॉर्ब करने में जितना समय लगता है, उससे कम समय में जूस अब्जॉर्ब हो जाता है। © Shutterstock.[/caption]

इंफेक्‍शन का खतरा

मॉनसून में सबसे ज्‍यादा खतरा संक्रमण यानी इंफेक्‍शन का होता है। जूस खुले में मिल रहा हो या टेट्रा पैक में हो, कहीं से भी आप उसकी स्‍वच्‍छता के प्रति पूरी तरह आश्‍वस्‍त नहीं हो सकते। जबकि फलों (Juice v/s Fruits) को आप स्‍वयं हाथ से चुनकर खरीदते हैं और धोकर उनकी स्‍वच्‍छता सुनिश्चित कर सकते हैं।

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पाचन संबंधी दिक्‍कतें

फलों के रस (Juice v/s Fruits) में विटमिन, प्रोटीन, फैट्स, मिनरल्स और विटमिन-सी की मात्रा अधिक नहीं होती, लेकिन शुगर की मात्रा इसमें बहुत ज्यादा होती है। इसलिए फलों का रस पीने के बाद लूज मोशन या फिर पेट दर्द जैसी शिकायत हो सकती है। अगर आप जूस ज्यादा पीते हैं, तो बॉडी में बहुत ज्यादा कैलरीज जाएंगी। जबकि फल खाने में यह समस्‍याएं नहीं होतीं।

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पैक्‍ड जूस से बढ़ता है वजन

पैक्ड जूस (Juice v/s Fruits) में हाई कैलरीज होती हैं, जिससे वजन बढ़ सकता है। इनमें एनर्जी का लेवल बहुत हाई होता है। इनके इस्तेमाल से भूख तो बढ़ती है, लेकिन वजन बढ़ने की संभावना भी काफी हद तक बढ़ जाती है। ऐसे में वेट कम करने की कोशिशें बेकार जाती हैं। जबकि फ्रूट देर तक आपको पेट भरे होने का अहसास देते हैं, जिससे आप फूड क्रेविंग से बच जाते हैं।

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