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Written By: Anshumala | Published : October 3, 2018 3:56 PM IST
फलों के जूस से कहीं ज्यादा हेल्दी होता है स्मूदीज। © Shutterstock
अधिकतर लोगों की डायट में जूस तो शामिल होता है, लेकिन स्मूदीज नहीं। क्या आपकी डायट का हिस्सा है स्मूदीज? यदि नहीं, तो इसे भी डायट में जगह देकर देखिए। जूस सिर्फ फलों या सब्जियों से बनता है, लेकिन स्मूदीज में फलों-सब्जियों के अलावा कई अन्य पौष्टिक तत्वों जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल ब्लूबेरीज, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे केल, सोया मिल्क, लो-फैट दही, प्रोटीन पाउडर आदि मिलाकर बनता है। इसमें फलों-सब्जियों के फाइबर तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे जूस से कहीं अधिक बेहतर बनाते हैं। जूस बनाते समय सभी फाइबर तत्व बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में स्मूदीज फाइबर और प्रोटीन तत्व मौजूद होने से यह एक बेहतर मील या स्नैक्स का काम करता है।
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किसमें कितना न्यूट्रिशनल वैल्यू
न्यूट्रिशनल वैल्यू के आधार पर दोनों की तुलना करें, तो एक पायदान आगे स्मूदी ही रहेगा। हालांकि, दोनों ही पेय पदार्थ सेहत के लिए अलग-अलग तरह से फायदेमंद हैं। इनसे बेहतर व पौष्टिक विकल्प कोई और है भी नहीं। जो लोग ताजे फलों और सब्जियों की मात्रा को अपने खानपान में अधिक शामिल करना चाहते हैं, उन्हें जूस ही पीना चाहिए। यदि आप बाहर हैं और जोरों की भूख लग जाए, तो थोड़ी देर भूख शांत करने के लिए स्मूदी एक बेहतर मील या स्नैक्स की तरह काम करता है। फलों-सब्जियों से तैयार जूस पीने से शरीर को विटामिन्स और मिनरल्स प्राप्त होते हैं। ये इम्यूनिटी बूस्ट करने के साथ ही शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ते हैं। जूस पीने से एक फायदा यह है कि आपको कुछ सब्जियों जैसे केल, हरी पत्तेदार सब्जी, चुकंदर आदि भी इसमें शामिल करने का मौका मिलता है, जिसका आप सामान्य रूप से सेवन नहीं कर पाते। ये सभी न्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिन के, बी और आयरन से भरपूर होते हैं।
जूस पीने के नुकसान
जूस पीने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसे तैयार करने के बाद फलों और सब्जियों में मौजूद फाइबर तत्व बाहर निकल जाते हैं। साथ ही भोजन के बदले अधिक देर तक जूस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता, क्योंकि यह प्रोटीन का मुख्य स्रोत नहीं है। आपको फाइबर के लिए प्रत्येक सर्विंग सब्जी और फल खाने की जरूरत पड़ सकती है।
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पौष्टिक मील है स्मूदीज
जहां तक स्मूदीज की बात है, तो यह एक हल्का और पौष्टिक मील है, क्योंकि इसमें आप एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल जैसे ब्लूबेरीज, हरी पत्तेदार सब्जी जैसे केल, सोया मिल्क, लो-फैट दही, प्रोटीन पाउडर आदि मिलाकर तैयार कर सकते हैं। इसमें फलों-सब्जियों के फाइबर तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे जूस से बेहतर बनाता है। इसे और पौष्टिक बनाने के लिए आप चाहें, तो इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड से युक्त कुछ चम्मच फ्लैक्ससीड या चिया सीड्स डाल सकते हैं। फाइबर और प्रोटीन मौजूद होने से यह एक बेहतर मील या स्नैक्स का काम करता है। यदि आप इसमें मीठी सामग्री जैसे आइसक्रीम, फ्लेवर्ड दही, स्वीट आमंड मिल्क, शहद या फिर अधिक फ्रोजन फल शामिल करते हैं, तो प्रतिदिन के अनुसार शुगर इनटेक अधिक हो जाएगा, जो स्मूदीज के कैलोरी काउंट को बढ़ा सकता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने की आशंका रहती है। फल, सब्जी, हेल्दी फैट और प्रोटीन शामिल करने से आप वजन भी कम कर सकते हैं, क्योंकि यह आपके भूख पर कंट्रोल रखता है।