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बिस्किट्स से लेकर ब्रैड्स तक हर प्रोडक्ट पर अब हाई प्रोटीन लिखा आने लगा है? लेकिन क्या प्रोसेस्ड फूड्स सेफ हैं?

आजकल मार्केट में मिलने वाले फूड्स के पैकेट पर हाई प्रोटीन या हाई विटामिन एंड मिनरल्स लिखा होता है, तो क्या इनका सेवन करना सही है? एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या राय देते हैं, इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 7, 2026 9:04 PM IST

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Medically Verified By: Anshul Singh

हेल्थ एक्सपर्ट्स बाजार में मिलने वाले फूड्स से ज्यादा अच्छा और हेल्दी विकल्प घर पर तैयार किए गए खाने को ही मानते हैं। अब चाहे मार्केट में मिलने वाले नमकीन व बिस्किट हों या फिर ब्रैड व सीरियल्स हों, इन्हें प्रोसेस्ड व अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स की कैटेगरी में रखा जाता है, जो कि हेल्दी नहीं होते हैं। हालांकि, यह भी देखा गया है कि आजकल कुछ खाद्य पदार्थों के पैकेट पर हाई प्रोटीन या प्रोटीन रिच लिखा होता है। आज के युवा में फिटनेस के बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए, कंपनियों ने कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स को प्रोटीन युक्त बताकर ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करते है। लेकिन सवाल अभी भी यही है कि क्या हाई प्रोटीन या प्रोटीन रिच पैकेट पर लिखा होने से क्या सच में प्रोसेस्ड फूड हेल्दी और सुरक्षित हो जाता है? डॉ. अंशुल सिंह, टीम लीडर क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स डिपार्टमेंट आर्टेमिस हॉस्पिटल्स से हम इसी बारे में कुछ खास जानकारियां लेंगे।

आपकी हेल्थ के दुश्मन हैं प्रिजर्वेटिव्स

ऐसा नहीं है कि हर कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को खराब क्वालिटी का बनाकर बेचती हैं। यहां तक कि कुछ कंपनियां अपनी प्रोडक्ट्स को हेल्थ के लिए अच्छा बनाने की पूरी कोशिश भी करती है, लेकिन कुछ चीजें हैं जो उसे फिर भी अनहेल्दी कैटेगरी में लेकर चले जाते हैं। इनमें से एक है पैकिंग वाले फूड्स में किया गया प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल। किसी भी चीजों को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए इसमें कई तरह के केमिकल और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं और ये प्रिजर्वेटिव आपकी हेल्थ के लिए सही नहीं माने जाते हैं।

पैकिंग वाले हाई प्रोटीन फूड्स

अगर आप किसी फूड प्रोडक्ट पर हाई प्रोटीन या हाई विटामिन देखते हैं, तो यह हो सकता है कि उनमें पोषक तत्व हों, लेकिन प्रिजर्वेटिव्स के कारण उन्हें प्रोसेस्ड फूड्स की कैटेगरी में रखना ही होगा। हालांकि, हाई प्रोटीन या हाई न्यूट्रिएंट्स वाले फूड्स को पूरी तह से अनहेल्दी या फिर पूरी तरह से हेल्दी श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है और यह हर प्रोडक्ट्स कि क्वालिटी पर भी निर्भर करता है।

इसलिए किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदते समय सिर्फ सामने लिखा दावा देखकर फैसला करना सही नहीं होता है। कई हाई प्रोटीन बिस्किट, ब्रेड या बार में प्रोटीन के साथ-साथ काफी मात्रा में चीनी, नमक, रिफाइंड मैदा, संतृप्त वसा नेचुरल फ्लेवर रंग और प्रिजर्वेटिव भी हो सकते हैं। ऐसे में भले ही प्रोटीन मौजूद हो, लेकिन इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं माना जा सकता है। ।

किन बातों का रखें ध्यान

हर पैकेट पर बने न्यूट्रिशन लेबल को बढ़ने की आदत डालें, उसमें देखें की प्रति सर्विंग कितनी मात्रा में प्रोटीन, चीनी, सोडियम और फैट मौजूद है। इंग्रेडिएंट्स की सूची भी देखें। कुछ इंग्रेडिएंट्स में चीनी रिफाइंड मैदा या तेल शामिल है तो ऐसे उत्पाद का सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।

प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर निर्भरता बढ़ाएं

अगर आपको प्रोटीन बढ़ाना है, तो नेचुरल स्रोत सबसे बेहतर विकल्प है जैसे दाल, चना, राजमा सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, मछली, चिकन और कई तरह के मेवे आदि। ये खाद्य पदार्थ शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन देने के साथ-साथ जरूरी विटामिन मिनरल और फाइबर भी प्रदान करते हैं। उनकी तुलना में प्रोसेस्ड हाई प्रोटीन फूड्स केवल सुविधा का विकल्प है, लेकिन इन्हें संतुलित आहार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

ध्यान रखें कि हाई प्रोटीन लिखा होने से किसी भी प्रोडक्ट के पूरी तरह से हेल्दी होने की कोई गारंटी नहीं है। कभी कभार इन चीजों का संतुलित मात्रा में सेवन किया जा सकता है, लेकिन प्रोटीन के नाम पर हर रोज डाइट में इन चीजों को प्राथमिकता देना गलत होगा।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल खाद्य पदार्थों से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।