
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 20, 2025 6:04 PM IST
Moong dal in uric acid: भारतीय किचन्स में दाल लगभग रोज ही पकायी जाती है। रोजाना किसी ना किसी प्रकार की दाल को पकाने और खाने की आदत लगभग सभी में होती है। लेकिन, दालों के साथ यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा भी होता है। हमारी रोजमर्रा की डाइट में शामिल कई प्रकार की दालों में यूरिक एसिड बढ़ाने वाले प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। इसीलिए जब कोई व्यक्ति गलत प्रकार की दालों का सेवन करता है तो उसके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती (Dal causing high uric acid levels) है और इससे पांव में सूजन और दर्द जैसी शिकायतें होने लगती हैं। आमतौर पर अरहर की दाल और राजमा जैसे बींस के सेवन से यूरिक एसिड बढ़ने का डर होता है। इसीलिए, हाई यूरिक एसिड के मरीजों को इन दालों के सेवन से परहेज की सलाह दी जाती है। वहीं, कुछ दालें ऐसी भी हैं जिनमें प्यूरीन कम या बहुत कम मात्रा में पाया जाता है इसीलिए, इन दालों का सेवन यूरिक एसिड की समस्या वाले लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता (which dal one should eat to control high uric acid level) है। हालांकि, बहुत से लोगों को ये नहीं पता होता कि कौन-सी दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है और कौन-सी दाल खाने से उन्हें बचना चाहिए।
हरी मूंग की दाल (Green moong dal), साबुत हरी मूंग और पीली हरी मूंग (Peeli moong dal) भी बहुत से घरों में नियमित इस्तेमाल होती है। हालांकि, कुछ लोगों के मन में अक्सर यह दुविधा होती है कि कहीं मूंग दाल खाने से उनका यूरिक एसिड लेवल बढ़ तो नहीं जाएगा। इसीलिए वे मूंग की दाल खाने से बचते हैं।
अगर आपकी डाइट ठीक नहीं है और गलत तरीके के फूड्स का सेवन करते हैं तो इससे आपका यूरिक एसिड लेवल बढ़ सकता है। विशेषकर दालों का सेवन करते समय आपको बहुत अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। मूंग की दाल में प्यूरीन का स्तर कम होता है। विशेषकर धुली हुई पीली मूंग दाल में प्यूरीन बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। इसीलिए, अगर आप मूंग दाल खाने से बहुत कम मात्रा में प्यूरीन शरीर में पहुंचता है और इस प्युरीन का ब्रेकडाउन और किडनियो के लिए इसे फिल्टर कर पाने में कोई परेशानी नहीं होती। इसीलिए, मूंग दाल खाने से यूरिक एसिड बढ़ने और शरीर में यूरिक एसिड क्रिस्टल्स बनने का खतरा भी कम होता है।
हाई यूरिक एसिड में हरी मूंग दाल की तुलना मेें पीली मूंग दाल खाना अधिक फायदेमंद माना जाता है। आप दाल को पकाने से पहले दाल को 1-2 घंटें के लिए पानी में भिगोकर रखें। फिर, इस दाल को पकाकर आप रोटी या चावल के साथ खा सकते हैं। इसके अलावा, मूंग दाल का सूप और मूंग दाल का चीला बनाकर भी आप खा सकते हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।