क्या प्रेग्नेंसी में सुरक्षित है मैग्नीशियम का सेवन? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स

मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खनिज है। हमारे शरीर और हड्डियों को सही तरह से चलाने के लिए कई तरह के मिनरल्स और विटामिंस की जरूरत होती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर और हड्डियों को मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है? अगर हां, तो कितनी मात्रा में? तो आपको इसका जवाब बता देते हैं कि गर्भवती को शरीर के ऊतकों की मरम्मत और निर्माण के लिए प्रतिदिन कम से कम 350 से 400 मिलीग्राम मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 10, 2020 7:27 PM IST

मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खनिज है। हमारे शरीर और हड्डियों को सही तरह से चलाने के लिए कई तरह के मिनरल्स और विटामिंस की जरूरत होती है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर और हड्डियों को मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है? अगर हां, तो कितनी मात्रा में? तो आपको इसका जवाब बता देते हैं, डॉक्टर्स कहते हैं कि गर्भवती को शरीर के ऊतकों की मरम्मत और निर्माण के लिए प्रतिदिन कम से कम 350 से 400 मिलीग्राम मैग्नीशियम की आवश्यकता होती है। हालांकि डॉक्टर गर्भवती की मेडिकल हिस्ट्री या किसी अन्य फिलिकल एक्टीविटी को देखकर मैग्नीशियम की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। इसलिए इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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प्रेग्नेंसी में मैग्नीशियम के लाभ

मैग्नीशियम और कैल्शियम ऐसे खनिज हैं जो प्रेग्नेंसी में सबसे ज्यादा खास होते हैं। ये खनिज मांसपेशियों को दुरुस्त करने और उन्हें अनुबंधित करने में मदद करते हैं। गर्भावस्था के दौरान, मैग्नीशियम का उचित स्तर गर्भाशय को समय से पहले होने से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह पैर की ऐंठन को भी कम करने में भी सहायक होता है। गर्भावस्था के दौरान मैग्नीशियम लेना इसलिए भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह हड्डियों को मजबूत बनाता है, इंसुलिन और रक्त शर्करा के स्तर और एंजाइमों के कामकाज को नियंत्रित करता है। शरीर में मैग्नीशियम के स्तर को बनाए रखकर कोलेस्ट्रॉल और अनियमित धड़कन की समस्याओं को को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही मैग्नीशियम के सेवन से मतली, थकान, अनिद्रा, उल्टी, भूख में कमी, मांसपेशियों में मरोड़, थकान, खराब याददाश्त, और अनियमित धड़कनों में भी राहत मिलती है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी के कारणों में अल्कोहल का ज्यादा सेवन, लंबे समय तक उल्टी होना, दस्त, प्रोटीन की कमी और गुर्दे की गड़बड़ी समेत डायबिटीज शामिल है।

1- मैग्नीशियम प्रिमेच्योर की मांसपेशियों के समय से पहले संकुचन को रोकता है

2- मैग्नीशियम के ओवरडोज से कमजोरी, दस्त और लो ब्लड प्रेशर जैसी दिक्कतें नहीं होती हैं।

3- डेयरी उत्पाद मैग्नीशियम और कैल्शियम से युक्त होते हैं।

4- गर्भवती की डाइट में 350 से 400 मिलीग्राम मैग्नीशियम होना चाहिए।

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किन फूड में होता है मैग्नीशियम

यदि आपके शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो गई है तो आप मैग्नीशियम युक्त फूड का सेवन कर इसकी कमी को दूर कर सकते हैं। एवाकाडो, डार्क चॉकलेट, काजू, हरी सब्जियां और कद्दू के बीज में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम होता है।

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