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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 26, 2022 12:10 PM IST
75 ग्राम तक कटहल डायबिटीज रोगियों के लिए है 'संजीवनी', जानें कच्चा या पका किससे होता है ब्लड शुगर कंट्रोल
Kathal in Diabetes : डायबिटीज रोगियों की संख्या पूरे विश्व में बढ़ रही है और भारत इसका प्रमुख केंद्र है, जहां सबसे ज्यादा डायबिटीज मरीज हैं। डायबिटीज एक मेटाबॉलिक स्थिति है और ऐसा अनुमान है कि 8.7 फीसदी डायबिटिक आबादी 20 से लेकर 70 साल के उम्र की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक, अगर इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाता है तो आपका ब्लड शुगर लेवल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जाता है और ये किडनी, दिल, आंख व शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाती है।
इस स्थिति में आपको अपने खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत होती है फिर चाहें वो डायबिटीज के रोगी हों या फिर वे डायबिटीज से पहले वाले लक्षणों से जूझ रहे हों। डायबिटीज रोगी और प्री-डायबिटीज वाली स्थिति में आपको हाई ग्लाइसिमिक इंडेक्सवाले फूड्स से दूरी बनाने की जरूरत होती है। अगर आप भी किसी ऐसी ही परेशानी का शिकार हैं तो आपको डायबिटीज फ्रेंडली फूड्स का सेवन करने की जरूरत है। आइए जानते हैं कौन सा है डायबिटीज रोगियों के लिए सुपरफूड।
कटहल, एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन ए-सी, राइबोफ्लैविन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कॉपर और मैंग्नीज का एक समृद्ध स्त्रोत है। वहीं बात करें ग्लाइसिमिक इंडेक्स की तो 100 के पैमाने पर इसका सूचकांक 50 से 60 के बीच होता है, जो कि मध्यम की श्रेणी में आता है। वहीं कच्चे कटहल का ग्लाइसिमिक इंडेक्स बहुत कम होता है और ये डायबिटीज रोगियों को ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में काफी मदद करता है। इसके अलावा इसमें कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होती है।
कटहल का सेवन करते वक्त इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इतना ही नहीं कच्चा कटहल भी आपको सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। आप अपनी रोजाना की फाइबर की जरूरत को पूरा करने के लिए आधा कप या फिर 75 ग्राम तक कटहल का सेवन कर सकते हैं।
डायबिटीज रोगियों के लिए कच्चा कटहल, पके कटहल के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा कम होती है और कैलोरी की मात्रा भी काफी कम होती है। हां, इसके सेवन के बाद आपको अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करने की जरूरत होती है।
1-कुछ लोगों को विशेषरूप से कटहल जैसे सब्जी के छिलके से एलर्जी होती है, अगर वे इसका सेवन करते हैं उन्हें कटहल का सेवन करने पर जलन-सूजन और बैचेनी हो सकती है। इसलिए अगर आपको किसी प्रकार की एलर्जी है तो कटहल के सेवन से बचें4-।
2-अगर आपको खून के गाढ़ा होने की परेशानी है तो भी कटहल के सेवन से बचें क्योंकि ये खतरे को और बढ़ा सकती है।
3-इतना ही नहीं आपको सर्जरी से पहले और सर्जरी के बाद कभी भी कटहल नहीं खाना चाहिए। चूंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा ज्यादा होती है और ये रक्त में पोटेशियम को बढ़ाने का काम करती है, जिसकी वजह से हाइपरकलेमिया (hyperkalemia) नाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके अलावा आपको किडनी की समस्या में भी कटहल के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है फिर चाहे आप क्रॉनिक किडनी रोग और किडनी फेल्योर जैसी परेशानी से ही पीड़ित क्यों न हों।