
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. K. S. Somasekhar Rao
Oats eating
Eating Oats Daily: आजकल हेल्दी डाइट की बात हो और ओट्स का नाम न आए, ऐसा कम ही होता है। वजन कम करने से लेकर दिल की सेहत और डायबिटीज तक, ओट्स को सुपरफूड माना जाता है। लेकिन क्या हर दिन ओट्स खाना सभी के लिए फायदेमंद है? या कुछ लोगों को इससे नुकसान भी हो सकता है? इस बारे में जानकारी के लिए हमने हैदराबाद स्थित सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट एंड एडवांस्ड थेरेप्यूटिक एंडोस्कोपिस्ट डॉ. के. एस. सोमशेखर राव से बातचीत की है। डॉ. राव का कहना है कि ज्यादातर लोगों के लिए रोजाना ओट्स खाना सुरक्षित और फायदेमंद होता है। ओट्स में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने, खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे वजन नियंत्रित करने वाली डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है।
ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने में मदद करता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों में ब्लड ग्लूकोज कंट्रोल बेहतर हो सकता है। इसके अलावा यह फाइबर आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को भी पोषण देता है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है। 
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, साबुत अनाज जैसे ओट्स को नियमित रूप से खाने से हृदय रोग का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। वहीं, कई शोध बताते हैं कि ओट्स का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल कम करने में प्रभावी हो सकता है।
हालांकि, ओट्स सभी के लिए उपयुक्त नहीं होते। सीलिएक डिजीज या ग्लूटेन सेंसिटिविटी से पीड़ित लोगों को सिर्फ सर्टिफािड ग्लूटेन फ्री ओट्स ही चुनने चाहिए। सामान्य ओट्स की प्रोसेसिंग के दौरान गेहूं, जौ या राई के संपर्क में आने से उनमें ग्लूटेन की मिलावट हो सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम, बार-बार पेट फूलने या गैस बनने की समस्या रहती है, उन्हें ओट्स खाने की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए। अचानक अधिक फाइबर लेने से पेट में गैस, सूजन और असहजता हो सकती है।
अगर आपने पहले कभी ओट्स नहीं खाए हैं, तो शुरुआत छोटी मात्रा से करें। रोजाना पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि फाइबर सही तरीके से काम करने के लिए शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। ओट्स को हेल्दी बनाने के लिए उसमें ताजे फल, मेवे, बीज या दूध मिलाकर खा सकते हैं। वहीं, बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड या इंस्टेंट ओट्स में कई बार अतिरिक्त चीनी और सोडियम होता है, इसलिए सादा ओट्स बेहतर विकल्प माने जाते हैं।
अगर आपको कोई विशेष मेडिकल समस्या नहीं है और आप संतुलित आहार का पालन करते हैं, तो रोजाना ओट्स खाना आपकी सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है। लेकिन यदि आपको सीलिएक डिजीज, ग्लूटेन सेंसिटिविटी या पाचन संबंधी समस्याएं हैं, तो ओट्स को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। सही मात्रा और सही प्रकार के ओट्स का चुनाव करके आप इसके स्वास्थ्य लाभों का पूरा फायदा उठा सकते हैं।