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मानसून में बैंगन खाना चाहिए या नहीं? जानें डायटीशियन की क्या है सलाह

Brinjal in Monsoon: मानसून के सीजन में कई लोगों को बैंगन खाने को लेकर काफी कंफ्यूजन रहती है। अगर आपको भी इसे खाने को लेकर किसी तरह का कंफ्यूजन हैं, तो आइए डायटीशियन से जानते हैं इस बारे-

Written By Kishori Mishra
Published : July 12, 2026 10:40 AM IST

Brinjal in Monsoon

Can we eat eggplant in rainy season: बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन इसी मौसम में फूड पॉइजनिंग, पेट के इंफेक्शन और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खानपान को लेकर कई एक्सपर्ट सतर्क रहने की सलाह देते हैं। मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। इन सवालों में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या मानसून के दौरान बैंगन खाना सुरक्षित है या इससे बचना चाहिए? इस बारे में हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की डिप्टी चीफ डायटीशियन डॉक्टर डॉ. स्वेता ए का कहना है कि बैंगन पूरी तरह से सुरक्षित सब्जी है, लेकिन मानसून में इसे खाने और स्टोर करने के तरीके पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

मानसून में बैंगन से क्यों जुड़ती हैं सावधानियां?

डॉ. स्वेता बताती हैं कि बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे सब्जियों पर बैक्टीरिया, फंगस और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनप सकते हैं। अगर बैंगन ठीक तरह से साफ नहीं किया गया हो या लंबे समय तक गीली जगह पर रखा गया हो, तो उसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी खाद्य जनित बीमारियों से बचने के लिए फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने और भोजन को सही तापमान पर पकाने की सलाह देता है।

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क्या बैंगन से एलर्जी भी हो सकती है?

डायटीशियन का कहना है कि अधिकतर लोगों के लिए बैंगन पूरी तरह से सुरक्षित होता है, लेकिन कुछ लोगों में इसे खाने के बाद एलर्जी या सेंसटिविटी देखने को मिल सकती है, जिसकी वजह से शरीर में कुछ बदलाव दिख सकते हैं, जैसे-

  1. स्किन पर खुजली या रैशेज होना।
  2. मतली और उल्टी की परेशानी होना।
  3. पेट दर्द या गैस
  4. एसिडिटी की परेशानी
  5. पेट खराब होना

ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो बैंगन का सेवन कम करें और डॉक्टर से सलाह लें।

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बैंगन को सुरक्षित तरीके से कैसे खाएं?

मानसून में बैंगन खाते समय कुछ आसान सावधानियां अपनाने से इंफेक्शन के खतरों को कम किया जा सकता है, जैसे-

  • हमेशा ताजा और बिना दाग-धब्बों वाला बैंगन खरीदें।
  • बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही काटें।
  • कटे हुए बैंगन को लंबे समय तक खुला न छोड़ें।
  • अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, क्योंकि पर्याप्त तापमान पर पकाने से कई हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं।
  • फ्रिज में साफ और सूखी जगह पर स्टोर करें।

अमेरिकी FDA भी ताजा सब्जियों को अच्छी तरह धोने और सुरक्षित तरीके से स्टोर करने की सलाह देता है ताकि फूडबॉर्न इंफेक्शन का खतरा कम हो सके।

किन लोगों को बैंगन नहीं खाना चाहिए?

अगर आपको पहले से ही निम्न समस्याएं रहती हैं, तो मानसून में बैंगन सीमित मात्रा में खाना बेहतर हो सकता है, जैसे-

  • बार-बार एसिडिटी
  • पेट में सूजन की परेशानी होना
  • स्किन एलर्जी
  • सेंसटिविट गट हेल्थ

अगर बैंगन खाने के बाद हर बार परेशानी महसूस हो रही है, तो इसे कुछ समय के लिए अपनी डाइट से हटाकर डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह लें।

बैंगन में मौजूद पोषक तत्व भी हैं फायदेमंद

बैंगन फाइबर, पोटैशियम, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। रिसर्च बताती है कि बैंगन में मौजूद एंथोसाइनिन्स शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही यह कई अन्य परेशानियों में फायदेमंद साबित हो सकता है।

Disclaimer: डॉ. स्वेता का अंत में कहना है कि मानसून में बैंगन से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। अधिक जरूरी है कि आप ताजी सब्जी चुनें, उसे अच्छी तरह धोएं, सही तरीके से स्टोर करें और अच्छी तरह पकाकर खाएं। अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए बैंगन सुरक्षित है। हालांकि, अगर इसे खाने के बाद बार-बार एलर्जी, पेट खराब या एसिडिटी जैसी समस्याएं होती हैं, तो इसकी मात्रा कम करें और विशेषज्ञ की सलाह लें।