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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 24, 2022 5:40 PM IST
Swine flu से बचने के लिए सूअर का मांस खाते वक्त ध्यान रखें 4 बातें! जानें Pork खाने से इंफेक्शन होगा या नहीं
Is eating pork can cause swine flu : भारत में कोरोना का संक्रमण अभी तक खत्म नहीं हुआ है बल्कि इसके नए-नए वेरिएंट पैदा हो रहे हैं, पर क्या आपको पता है कि स्वाइन फ्लू नामक संक्रमण कोरोना वायरस के समान ही खतरनाक है। स्वाइन फ्लू या H1N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस पहली बार 2009 में सामने आया था। यह वायरस इतना ज्यादा खतरनाक है कि इसे 2010 में WHO ने महामारी घोषित कर दिया था। हालांकि इस पर अब तक कुछ हद तक कंट्रोल किया जा चुका है, जिससे अब इस संक्रमण से बचना थोड़ा आसान हो गया है पर आज भी स्वाइन फ्लू से विश्व भर में हर साल कई मौते होती हैं। डॉक्टर तुषार तयाल, सीनियर कंसल्टेंट इंटर्नल मेडिसिन, नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम से जानिए कि स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
स्वाइन फ्लू एक प्रकार का वायरस है जो स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस या फिर SIV के कारण होता है। इस संक्रमण में मुख्य रूप से दो प्रकार के एंटीजन हेमाग्लगुटिनिन और न्यूरोमिनिडेज दिखने के कारण ही इसे H1N1 कहा जाता है। यह सूअर से मनुष्य में फैलता था। हालांकि अब यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के छींकने से या फिर खांसनेसे एक दूसरे में फैलता है। यदि संक्रमित मनुष्य द्वारा छुई हुई जगहों या उन स्थानों पर H1N1 वायरस से संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से भी यह आपको अपनी चपेट में ले सकता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति से दूर रहना ही इससे बचा जा सकता है।
बेकन, हैम या कोई अन्य सूअर के मांस से बने प्रोडक्ट से स्वाइन फ्लू नहीं फैलता पर अगर आप सूअर का कच्चा मांस खरीद रहे हैं तो ये सावधानी बरतेंः
1-कच्चे मांस को पकाए हुए खाद्य पदार्थों से दूर रखें।
2-कच्चें मांस को न छुएं।
3-कच्चे मांस के संपर्क में आये बर्तनों आदि को तुरंत किटाणुरहित करें।
4- कोशिश करें कि सूअर के मांस से बने खाद्य पदार्थों को खाने से बचें।
यदि कोई व्यक्ति इससे संक्रमित है तो इसके लक्षण 6-7 दिनों में दिखने लगते हैं। इसमें व्यक्ति को बुखार, खांसी, सिर दर्द, गले में खराश, ठंड लगना, उल्टी, पेट में दर्द, चक्कर आना, डायरिया, छींक आना, कमजोरी हैं। जिन लोगों में इम्युनिटी पावर कमजोर है उनमें ये लक्षण और अधिक बढ़ सकते हैं। यदि आपको इस प्रकार के लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इससे आप जल्द से जल्द इस संक्रमण से बच पाएंगे।
1-जैसे- यदि किसी भी व्यक्ति को खांसी बुखार या फिर जुकाम है तो उससे दूरी बनाकर रखें।
2- हमेशा मास्क का ही प्रयोग करें
3- सैनिटाइजर हमेशा अपने साथ रखें और कुछ कुछ समय पर हाथों को साफ करते रहें।
4-स्टार्च युक्त पदार्थ (आलू, चावल) का सेवन कम करें।
5-ज्यादा तला भुना मसालेदार भोजन न करें।
6-दही का सेवन न करें इसकी जगह छाछ ले सकते है।
7-विटामिन सी युक्त फलों के सेवन करें।
8- उबला हुआ स्वच्छ पानी पीएं।
9-अपनी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएं इसके लिए काढ़ा पीएं, ताजा गिलोय का रस पीएं।
10- सर्दी या फिर जुकाम होने पर भीड़ भाड़ वाली जगहों पर न जाए, ज्यादा दिक्कत बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इस प्रकार से हम इन सब बातों को ध्यान में रखकर स्वाइन फ्लू से बच सकते हैं। इस संक्रमण के फैलने की संभावना मानसून के समय अधिक रहती है। इसलिए ऐसे मौसम में मास्क का प्रयोग जरूर करें। सावधानी और सतर्कता ही आपको स्वाइन फ्लू जैसे खतरनाक वायरस से बचा सकती है और यदि आपको इसके लक्षण प्रतीत हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें जिससे टेस्ट और इलाज के माध्यम से जल्द से जल्द ठीक किया जा सके।