इंस्‍टेंट स्‍नैैक्‍स है खील की खीर, मिनटों में करें तैयार

खील मूलत: ताजा धान से बनी होती है, इसमें दूध मिलने से यह विटामिन डी और कार्बोहाइड्रेट का हेल्‍दी कॉम्‍बीनेशन बन जाता है।  

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Written By: Yogita Yadav | Published : November 9, 2018 2:13 PM IST

पारंपरिक दिवाली में खील बताशों का शगुन हुआ करत था। इसी का प्रसाद लोग अपने पड़ोसियों और दोस्‍तों-रिश्‍तेदारों में बांटा करते थे। पर अब मिठाइयों के डिब्‍‍बों का आदान-प्रदान होता है। इसके बावजूद लोग खील-खिलौने और बताशों को भूले नहीं हैं। आप भी जरूर दिवाली पूजा के प्रसाद में रखते होंगे खील बताशे। पर अगले दिन क्‍या करें इनका, तो हम बता रहे हैं आपको एक ऐसी रेसिपी जो मिनटों में होगी तैयार। यह भी पढ़ें - जानें कितने समय बाद बदलना चाहिए फिटनेस ट्रेनर ?

ऐसे बनाएं खील की इंस्टेंट खीर

सामग्री

खील, बताशे, फ्रूट कटे हुए, सूखे मेवे कटे हुए और दूध।

विधि

एक बाउल में थोड़ी सी खील लीजिए। इनमें बताशों को क्रश करके मिक्‍स करें। आप चाहें तों प्रसाद में रखे जाने वाले मीठे खिलौने भी इसमें मिक्‍स कर सकते हें। पर इसके लिए पहले इन्‍हें तोड़कर मिक्‍सी में ग्राइंड करना होगा। अब इन क्रश किए हुए बताशों या मीठे खिलौनों को खील में मिक्‍स कीजिए। थोड़्र से कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाइए। अब इसमें गर्म दूध डालिए। दूध उतना ही हो, जिससे खील डिप हो जाए। बहुत ज्‍यादा दूध होगा तो खीर में टेस्‍ट नहीं आएगा। सबसे अंत में कटे हुए फ्रूट डालिए और लीजिए तैयार है इंस्‍टेंट खील की खीर।

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खील में मौजूद पोषक तत्‍व

  • खील मूलत: धान से ही बनती है। इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट बढ़ते बच्‍चों की ग्रोथ के लिए बहुत अच्‍छी है। खील में रेशे, फॉस्फाेेरस व क्षार काफी मात्रा में पाया जाता  है।
  • दस्त लगने पर खील के पानी को ORS की तरह उपयोग में लाया जा सकता है।
  • क्षारीय होने से किडनी के कार्य में सुधार लाती है।
  • बहुत भूख लगने पर , बीमारी में या लंबे उपवास के बाद खील खाना अच्छा उपाय है।
  • साथ ही दूध विटामिन डी का बढि़या स्रोत है। खील और दूध मिलकर विटामिन डी और कार्बोहाइ‍ड्रेट का बढि़या कॉम्‍बीनेशन तैयार करते हैं। यह भी पढ़ें – रहना है हेल्‍दी और हैप्‍पी , तो फॉलो करें सेहत के ये रूल
  • इस मौसम में प्रदूषण अधिक होने से एंटीऑक्‍सीडेंट की बहुत जरूरत होती है। इस जरूरत को फ्रूट और ड्राईफ्रूट पूरा करते हैं।

हेल्दी स्नैक्स है ये

खील सुपाच्य होती है। इसे बड़ी उम्र के लोग भी आसानी से पचा सकते हैं। बल्कि नाश्‍ते में तो यह और भी हेल्‍दी है। इससे कमजोर हाजमा ठीक होता है। इसे बनाना भी आसान है और ताजा ही खाना चाहिए।  एसिडिटी से बचने के लिए भी खील के पानी में मिश्री डालकर पीना लाभकारी है। या सिर्फ मुट्ठीभर खील और बताशे खाना भी पर्याप्त है। यह भी पढ़ें - रात देर से खाते हैं खाना, तो इन परेशानियों के लिए रहें तैयार

बच्चों को भी आएगी पसंद

क्रश किए हुए बताशे इसे क्रंची टेस्‍ट देते हैं। इसलिए यह बच्‍चों को भी खूब पसंद आएगी। आप चाहें तो बच्‍चों को आकर्षित करने के लिए इसमें क्रश किया हुआ चॉकलेट भी मिला सकते हैं। मीठे खिलौने खाने से बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसलिए इनका बाजार में अभी भी महत्व बरकरार है।

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