
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
अच्छी हाइट पर्सनालिटी को अट्रैक्टिव बनाती है और इसीलिए,मां-बाप बचपन में अपने बच्चों की हाइट बढ़ाने के पूरे प्रयास करते हैं। किसी व्यक्ति की हाइट जेनेटिक्स पर निर्भर करता है लेकिन, अच्छी डाइट की मदद से 18-21 साल की उम्र तक मैक्सिमम हाइट बढ़ने में मदद की जा सकती है। बचपन में सही पोषण हमारे भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य और बौद्धिक क्षमता को आकार देता है। खासकर एक बेटी के लिए, अच्छा पोषण बेहद जरूरी है क्योंकि यह उसके शारीरिक विकास, मानसिक विकास और लंबे समय तक अच्छे स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाता है। पढ़ने-लिखने की उम्र में ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है और इस समय पोषक तत्वों की सही मात्रा भी बहुत महत्वपूर्ण होती है ताकि तेज़ी से होने वाले विकास में मदद हो सके।
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. स्वाति शुक्ला (Dr. Swati Shukla, Nutrition Expert, Amway) के अनुसार, टीनएज में लड़कियों में शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास तेजी से होता है, जिससे उनके पोषण की ज़रूरतें बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि लड़कियों के स्वास्थ्य और पोषण को हमारी प्राथमिकता बनाना ज़रूरी है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें। आखिरकार, आज की बेटी ही आने वाली पीढ़ी की आधारशिला है।
डॉ. स्वाति शुक्ला कहती हैं कि, संतुलित पोषण विकास को बढ़ावा देता है और ऐसी हेल्दी इटिंग हैबिट्स विकसित करता है, जो एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने की संभावना को बढ़ाते हैं। पहले 1,000 दिन और पांच साल तक की प्रारंभिक बचपन की अवधि को विकास और बढ़त के लिए हमेशा महत्वपूर्ण माना गया है। लेकिन 5 से 12 वर्ष की आयु, जिसमें मध्य बचपन और किशोरावस्था की शुरुआत शामिल है, पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। ये साल तेजी से शारीरिक विकास, मानसिक प्रगति और यौवन से जुड़े बदलावों का समय होते हैं, जो वयस्कता की नींव रखते हैं। इस आयु में पोषण शारीरिक और मानसिक विकास का समर्थन करने के लिए आवश्यक है, जिससे शरीर को आगे आने वाले विकास के लिए तैयार किया जा सके और कुपोषण की शुरुआती कमी को दूर किया जा सके, ताकि पोषण की कमी या अधिक पोषण के दीर्घकालिक प्रभावों को कम किया जा सके।
जीवन का यह समय बचपन और वयस्कता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो पोषण की कमी को दूर करने, स्वस्थ विकास को बढ़ावा देने और लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने का अवसर देता है। ऐसे में न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. स्वाति शुक्ला लड़कियों के लिए ऐसे डाइट प्लान की सलाह देती हैं जिनमें ये 5 पोषक तत्व शामिल हों।
लड़कियों की ओवरऑल ग्रोथ के लिए एक संतुलित डाइट, जिसमें गुड कार्ब्स, फैट्स के साथ-साथ प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की जरूरत पड़ती है। इन सब पोषक तत्वों के लिए किन फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है पढ़ें यहां-
अच्छी पोषण क्षमता बढ़ते हुए मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है, जो स्कूल में बेहतर प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं को बढ़ावा देती है। आज एक स्वस्थ बालिका कल की मजबूत पीढ़ी सुनिश्चित करती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।