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Medically Verified By: Dr. Sugeeta Mutreja
Important Vitamins for Health: शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगों से दूर रखने के लिए बैलेंस डाइट बहुत जरूरी है। हमारे भोजन में मौजूद विटामिन्स, शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। भले ही इनकी मात्रा कम हो, लेकिन इसका सेवन करना जरूरी होता है। विटामिन्स शरीर की वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता, हड्डियों की मजबूती, त्वचा की सेहत, दिमागी कार्यक्षमता और ऊर्जा उत्पादन में अहम भूमिका निभाते हैं। आपको बता दें कि विटामिन्स मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। इसमें वसा में घुलनशील विटामिन्स (A, D, E और K) और पानी में घुलनशील (B कॉम्प्लेक्स और C) शामिल हैं। आइए, आरोग्य डाइट और न्यूट्रिशन क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. सुगीता मुटरेजा से जानते हैं कि शरी के लिए कौन-कौन से विटामिन्स जरूरी होते हैं? इन विटामिन्स के सोर्स क्या हैं और इनकी कमी से शरीर में क्या होता है?
शरीर के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी होता है। यह आंखों की रोशनी, त्वचा की सेहत और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन ए, रेटिना को स्वस्थ रखने और रात में देखने की क्षमता बनाए रखने में मदद करता है। यह त्वचा, फेफड़ों, आंतों और मूत्राशय की भीतरी परत को स्वस्थ बनाए रखता है। विटामिन ए, शारीरिक विकास के लिए जरूरी होता है। यह पुरुषों और महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। विटामिन ए खाने से भ्रूण के विकास में मदद मिलती है। इसलिए आपको अपनी रोज की डाइट में विटामिन ए जरूर शामिल करना चाहिए।
विटामिन ए की पूर्ति करने के लिए आप गाजर, पालक, शकरकंद, आम, दूध, मक्खन और अंडे का सेवन कर सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है, जिससे शरीर में इस विटामिन की पूर्ति होती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।
जब शरीर में विटामिन ए की कमी होती है, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो सकती हैं। इस विटामिन की कमी से आपको रात में कम दिखाई दे सकता है। यह आंखों में सूखापन और त्वचा पर रूखेपन का कारण बन सकता है। इस विटामिन की कमी से बच्चों का विकास भी प्रभावित होता है। बच्चों के विकास के लिए उन्हें विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थ जरूर खिलाएं।
विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में कई तरह के विटामिन्स आ जाते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। इसमें विटामिन B1, B2, B3, B5, B6, B7, B9 और B12 आदि शामिल हैं। ये सभी विटामिन्स शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और तंत्रिका-तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बहुत जरूरी होता है।
आपको बता दें कि विटामिन बी1 को थायमिन कहा जाता है। यह शरीर में ऊर्जा का उत्पादन करता है और तंत्रिका-तंत्र के लिए बहुत जरूरी होता है। इसकी कमी होने पर आपको अपनी डाइट में साबुत अनाज, दालें और मूंगफली आदि शामिल करने चाहिए। शरीर में विटामिन बी1 की कमी से नसों में कमजोरी आ सकती है। यह थकान और बेरी-बेरी रोग का कारण भी बन सकता है।
विटामिन बी2 को राइबोफ्लेविन भी कहा जाता है। यह विटामिन त्वचा, आंख और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में दूध, दही, अंडा और हरी सब्जियों को शामिल कर सकते हैं। शरीर में विटामिन बी2 की कमी से जीभ में सूजन हो सकती है और होंठ बार-बार फट सकते हैं और ड्राई नजर आ सकते हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो एक बार विटामिन बी2 की जांच जरूर कराएं।
विटामिन बी3 को नियासिन कहा जाता है। यह विटामिन पाचन-तंत्र और त्वचा के लिए बहुत जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी से त्वचा और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन बी3 की कमी से त्वचा ड्राई हो सकती है और यह डायरिया का कारण भी बन सकता है। विटामिन बी3 की कमी को पूरा करने के लिए आपको मांस, मछली और मूंगफली का सेवन करना चाहिए।
विटामिन बी6 ब्रेन हेल्थ और हार्मोनल संतुलन के लिए जरूरी होता है। शरीर में विटामिन बी6 की कमी से एनीमिया और चिड़चिड़ापन हो सकता है। जब शरीर में विटामिन बी6 की कमी होती है, तो हार्मोन्स असंतुलित हो सकते हैं और यह दिमाग के विकास को भी प्रभावित कर सकता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में केला, आलू और चना शामिल कर सकते हैं।
विटामिन बी9 यानी फोलिक एसिड शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। खासकर, गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड जरूरी होता है। यह रक्त निर्माण के लिए भी बहुत जरूरी होता है। शरीर में फोलिक एसिड की कमी से एनीमिया रोग हो सकता है। इसकी कमी से गर्भ में शिशु की विकृतियां हो सकती हैं और उसका विकास प्रभावित हो सकता है। फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने के लिए आप हरी पत्तेदार सब्जियां, संतरा और दाल आदि का सेवन कर सकते हैं।
विाटमिन 12 शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। यह नसों और रक्त कोशिकाओं के लिए बहुत जरूरी होता है। शरीर में विटामिन बी12 की कमी से एनीमिया रोग विकसित हो सकता है। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झुनझुनाहट हो सकती है। कमजोरी महसूस हो सकती है और याद्दाश्त में कमी आ सकती है। विटामिन बी12 की कमी पूरा करने के लिए आप दूध, अंडा, मांस और मछली का सेवन कर सकते हैं।

विटामिन सी एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करता है। विटामिन सी, रक्त वाहिकाओं, हड्डियों और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। यह विटामिन घावों को भरने में भी सहायक होता है। यह कोशिकाओं की रक्षा करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में आंवला, संतरा, नींबू, अमरूद और टमाटर आदि शामिल कर सकते हैं।
विटामिन सी की कमी होने पर मसूड़ों से खून आता है और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसकी वजह से घाव भरने में भी देरी हो सकती है। विटामिन सी की कमी से शरीर में कोलेजन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे स्कर्वी (scurvy) रोग हो सकता है। थकान, कमजोरी, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते (लाल धब्बे), एनीमिया और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली भी विटामिन सी की कमी के संकेत हो सकते हैं।
शरीर के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी होता है। विटामिन डी, कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। विटामिन डी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी जरूरी होता है। धूप (सूर्य प्रकाश) विटामिन डी का सबसे अहम सोर्स होता है। इसके अलावा, दूध, अंडा, मछली में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होता है। स्वस्थ रहने के लिए आपको अपनी डाइट में विटामिन डी को जरूर शामिल करना चाहिए।
इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स रोग हो सकता है। ऑस्टियोमलेशिया और हड्डियों में दर्द-कमजोरी का अनुभव हो सकता है। विटामिन डी की कमी से हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर, बढ़ती उम्र में शरीर में विटामिन डी की कमी देखने को मिलती है।
विटामिन ई एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट्स है, जो सेहत, त्वचा और बालों के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन ई शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी जरूरी होता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए आपको अपनी डाइट में नट्स और सीड्स जरूर शामिल करने चाहिए। बादाम, सूरजमुखी के बीज, वनस्पति तेल और मूंगफली में विटामिन ई अधिक मात्रा में पाया जाता है।
इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी आ सकती है। यह नसों की समस्या पैदा कर सकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। इसकी कमी से व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ सकता है।
विटामिन के शरीर के लिए बहुत जरूरी विटामिन्स में से एक है। यह रक्त के थक्के बनाने में मदद करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। पालक, मेथी, ब्रोकोली सोयाबीन तेल में विटामिन के अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी कमी से खून का अधिक बह सकता है और चोट लगने पर ब्लड जम सकता है। यह थकान, सुस्ती और कमजोरी का कारण भी बन सकता है। अपनी डाइट में विटामिन के को जरूर शामिल करें, इसकी कमी व्यक्ति को परेशान करने वाला हो सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।