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विभिन्न व्यंजन और पकवान खाने के शौकीन भारतीयों में फैटी लिवर की समस्या दिनों दिन बढ़ रही है। खासतौर पर गैर-अल्कोहल फैटी लिवर लोगों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति में आपके लिवर के आस-पास काफी अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है। जिससे लिवर के काम करने की क्षमता कम हो जाती है। वह विषाक्त पदार्थों को शरीर से ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता है। हालांकि अपनी ईटिंग हैबिट में सुधार करके आप फैटी लिवर की समस्या से राहत पा सकते हैं। डिनर में कुछ फूड्स को शामिल करना फैटी लिवर को फिर से सेहतमंद बनाने का बेहतरीन तरीका हो सकता है।
डिनर में हरी पत्तेदार सब्जियों को ज्यादा शामिल करें। इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, आयरन और मैग्नीशियम होते हैं। ये सभी तत्व लिवर के ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। पालक, मेथी, ब्रोकोली और हरा प्याज फैटी लिवर को ठीक करने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिवऑयल मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर होता है। इसमें ओलेयूरोपिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह हेल्दी ऑयल लिवर की सूजन को कम करके एंजाइम के स्तर को बेहतर बनाता है।
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, असली के बीज और सूरजमुखी के बीज फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ई और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। ये सभी लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड के साथ ही फाइबर और ग्लूटाथियोन से भरपूर होता है। ये तत्व लिवर को नुकसान से बचाते हैं और उसे हेल्दी रखते हैं।
लहसुन एलिसिन और अन्य सल्फर युक्त यौगिकों का पावर हाउस है जो शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट लिवर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। लहसुन लिवर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण लिवर की सूजन कम होती है।
जामुन के साथ ही ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी आदि लिवर को हेल्दी बनाती हैं। इनमें विटामिन सी के साथ ही एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये लिवर की सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करती हैं।
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, खासकर कैटेचिन नामक यौगिकों से। ये एंटीऑक्सीडेंट लिवर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। ग्रीन टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो लिवर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं। यह हर्बल टी लिवर कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार होती है।
साबुत अनाज फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और कब्ज को रोकने में मदद करता है, जो लिवर पर बोझ कम करता है। साबुत अनाज खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं, जिससे फैटी लिवर का जोखिम कम होता है। आप डिनर टाइम में जौ, क्विनोआ और ब्राउन राइस आदि का सेवन कर सकते हैं।
हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक होता है जो शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से युक्त होता है। यह लिवर की सूजन को कम करती है। हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है जो लिवर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाती हैं। साथ ही ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करती है।
फैटी फिश ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत है। ओमेगा-3 फैटी एसिड लिवर में सूजन को कम करने में मदद करता है। यह ब्लड में ट्राइग्लिसराइड के लेवल को भी कंट्रोल करता है, जो फैटी लिवर का एक प्रमुख कारक होता है।