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जानें, किस रंग का आलू खाना हो सकता है खतरनाक

आलू का रंग अगर बदल जाए तो इसे खाने से बेहतर होगा फेंक देना।

जानें, किस रंग का आलू खाना हो सकता है खतरनाक
आलू का स्वाभाविक रंग हल्का मटमैला या भूरा होता है। © Shutterstock

Written by Editorial Team |Updated : October 21, 2018 2:09 AM IST

आलू ऐसी सब्जी है जो हर घर में इस्तेमाल होती है लेकिन ऐसा आलू बिल्कुल न खांए जिसका स्वरूप और रंग दोनों ही बिगड़ चुका हो। आलू का रंग अगर बदल जाए तो इसे खाने से बेहतर होगा फेंक देना। आलू का भले ही स्वाद न बदले लेकिन ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

आलू का स्वभाविक रंग हल्का मटमैला या भूरा होता है। यदि आलू का रंग भूरे से अलग होकर हरा, बैगनी या काला होने लगता है तो उसमें न्यूरोटॉक्सिन बढ़ जाता है। इसे सोलनिन कहा जाता है। इसे खाने से उल्‍टी, डायरिया, सिरदर्द या फिर कैंसर तक हो सकता है। ध्‍यान रखें, अगर दुकानदार आपको इस प्रकार के आलू बेचने की कोशिश करे तो उसे तुरंत हटा दें। जानें, खराब हो चुके आलू को कैसे पहचानें-

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जब आलू का रंग हरा हो जाए

आलू का रंग अगर हरा नजर आए तो समझ लें ये खराब हो गया है। हरा आलू कैंसर का कारण हो सकता है। हरा आलू तब होता है जब वह मिट्टी से बाहर निकल जाता है और सूर्य की किरण उसपर सीधी पड़ती है, इससे आलू में सोलनिन लेवल बढ़ जाता है।

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जब आलू सिकुड़ने लगे

कई बार आलू रखे-रखे सिकुड़ जाता है। ऐसा तभी होता है जब आलू काफी दिन तक रखा रह गया हो। ऐसा आलू खाने से बॉडी में टॉक्सिन फैल सकता है, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

जर्मिनेटेड आलू भी सही नहीं

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जर्मिनेटेड आलू खाना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। जर्मिनेटेड आलू में सोलनिन और चासोनिन के बढ़ने से ये ग्लाइकोलोकॉल्ड्स नमाक जहर में बदल जाता है। यह नर्वस सिस्टम के लिए बहुत हानिकारक होता है। अंकुरित आलू उगाने के लिए तो ठीक हैं, लेकिन खाने के लिए नहीं।

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