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हाइपरथायरायडिज्म के मरीज क्‍या खाएं और क्‍या नहीं, एक्सपर्ट से जानें Hyperthyroidism Diet के बारे में

Hyperthyroidism Diet: हाइपरथायरायडिज्म एक ऐसी समस्या है जिसमें थायराइड ग्रंथियां अधिक मात्रा में हार्मोन्स का स्राव करने लगती हैं, ऐसी स्थिति में ये जानना जरूरी है कि हाइपरथायरायडिज्म में क्या खाएं और क्या न खाएं।

Written by Atul Modi |Updated : October 5, 2022 2:19 PM IST

शारीरिक वृद्धि, कोशिकाओं की मरम्मत और चयापचय (मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया) शरीर के कुछ ऐसी प्रक्रियाएं हैं जो थायराइड हार्मोन (Thyroid Hormone) द्वारा नियंत्रित होते हैं। नतीजन, हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) के रोगियों को कई अन्य लक्षणों के अलावा थकान, कमजोरी, शुष्क त्वचा, ठंड लगना, बालों का झड़ना, कब्ज, वजन बढ़ना, अनियमित मासिक धर्म, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और स्मृति-क्षय का अनुभव हो सकता है।

हाइपोथायरायडिज्म के साथ जीवन चुनौतीपूर्ण हो सकता है, और आप जो खाना खाते हैं वह इस बात तक को भी प्रभावित कर सकता है कि इस रोग पर दवाइयां कितना असर करक होती हैं। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व इस बात पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं कि थायरॉयड ग्रंथि कितनी अच्छी तरह काम करती है और वही कुछ अन्य खाद्य पदार्थ आपके शरीर के लिए किसी भी प्रतिस्थापन हार्मोन (रिप्लेसमेंट हार्मोन) को आत्मसात करना मुश्किल बना सकते हैं जो आप अपने थायरॉयड उपचार के हिस्से के रूप में ले रहे होंगे।

 डॉ. अनामिका चौधरी, सीनियर रेजिडेंट, जनरल मेडिसिन विभाग, शारदा अस्पताल, ग्रेटर नोएडा, कहती हैं ''हमारा आहार हाइपरथायरायडिज्म को कैसे प्रभावित करता है'', वह इस बारे में कुछ जानकारी देते हुए, हाइपरथायरायडिज्म से ग्रसित लोग क्या खाएं और क्या न खाएं (What to Eat and Avoid in Hyperthyroidism) को विस्‍तार से बता रही हैं।

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हमारा आहार हाइपरथायरायडिज्म को कैसे प्रभावित करता है?

हमारा आहार थायराइड हार्मोन उत्पादन के साथ-साथ थायराइड फ़ंक्शन पर भी प्रभाव डाल सकता है। किसी विशेष खाद्य पदार्थ के खाने से हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism Diet) ठीक नहीं होता है, मगर कुछ पोषक तत्व और खनिज अंतर्निहित स्थिति को प्रबंधित करने में मदद करते है। आयोडीन, सेलेनियम और ज़िंक भोजन में ऐसे ही उन तत्वों में से हैं जो स्वस्थ थायराइड फ़ंक्शन में मदद करते हैं। इनमें से आयोडीन का निर्धारित मात्रा में सेवन करना महत्वपूर्ण है, जो कि लगभग प्रति दिन 150 माइक्रोग्राम है। आहार में आयोडीन की कमी और अधिकता दोनों के ही परिणामस्वरूप हाइपरथायरायडिज्म हो सकता है।

हाइपरथायरायडिज्म में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - (What to Eat And Avoid in Hyperthyroidism in Hindi)

हाइपरथायरायडिज्म में खाएं कम आयोडीन वाले खाद्य पदार्थ - Low Iodine Diet For Hyperthyroidism

प्रति दिन 50 माइक्रोग्राम (एमसीजी) से कम आयोडीन युक्त आहार को लो-आयोडीन फूड कहा जाता है। कम आयोडीन वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • आयोडीन रहित नमक
  • सफेद अंडे
  • चिकन के मध्यम भागों, टर्की, और भेड़ का मांस
  • फलों और फलों का रस
  • ताजा सब्ज़ियां
  • वनस्पति तेल
  • चीनी, शहद, या मेपल सिरप
  • नमक रहित बादाम या पीनट बटर
  • नींबू पानी

हाइपरथायरायडिज्म में कौन सी सब्जियां खानी चाहिए - Vegetables to Eat With Hyperthyroidism

कुछ पत्तेदार साग में ऐसे पदार्थ होते हैं जो थायराइड हार्मोन संश्लेषण को कम करते हैं और आयोडीन को अवशोषित करने की थायराइड की क्षमता को कम कर सकते हैं। हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित व्यक्ति को इन दोनों प्रभावों से लाभ हो सकता है। इन सब्जियों से मिलकर बनता है:

  • ब्रसेल्स स्प्राउट्स और पत्ता गोभी
  • कोलार्ड साग और सरसों का साग
  • गोभी का सूप
  • अरुगुला की पत्‍तियां
  • मूली और शलजम
  • फूलगोभी
  • ब्रोकोली

- स्वस्थ थायराइड के साथ-साथ शरीर के अन्य नियमित कार्यों के लिए, आयरन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। किशमिश, डार्क चॉकलेट, चिकन, टर्की और पालक खाने से आपको पर्याप्त आयरन प्राप्त करने में मदद मिलेगी जिससे लाल रक्त कोशिकाओं को शरीर की अन्य कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद मिलेगी।

- मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम और विटामिन डी दोनों ही आवश्यक तत्व हैं। थायराइड फ़ंक्शन को सही रखने में मदद करने वाले कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:

  • दूध (दिन में एक बार से अधिक नहीं)
  • ब्रोकोली
  • संतरे का रस

- हल्दी और हरी मिर्च जैसे कुछ मसालों का सेवन नियमित तौर पर करने वालों में हाइपरथायरायडिज्म सहित थायराइड के अन्य विकार काम देखे जाते हैं। साथ ही हल्दी में चोट लगने पर सूजनरोधी (एंटी-इंफ्लेमेटरी) गुण भी होते हैं।

हाइपरथायरायडिज्म बचने के लिए क्‍या न खाएं - Foods to Avoid With Hyperthyroidism

आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ

आयोडीन की अधिकता हाइपरथायरायडिज्म को बढ़ा सकती है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि, थायराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन कर सकती है।

आयोडीन युक्त नमक, मछली,समुद्री शैवाल, डेयरी उत्पाद, आयोडीन की खुराक, लाल डाई युक्त खाद्य उत्पाद, अंडे की जर्दी, और आयोडेट आटा कंडीशनर से बने हुए बेक्ड फूड्स, जैसे आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन हाइपरथायरायडिज्म वाले लोगों द्वारा अधिक नहीं किया जाना चाहिए।

कैफीन

कैफीन का उपयोग करने पर कुछ हाइपरथायरायडिज्म के लक्षण, जैसे कि धड़कन, हाथ कांपना, चिंता और अनिद्रा, आदि और बिगड़ सकते हैं। हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित व्यक्ति को जब भी संभव हो ऐसे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से बचने का प्रयास करना चाहिए जिनमें कैफीन होता है।

उपवास और थायराइड

जब हम उपवास करते हैं, तो शरीर को सामान्य रूप से ग्लूकोज नहीं प्राप्त होती है, जिससे कोशिकाओं को ऊर्जा बनाने के लिए वैकल्पिक तरीकों और संसाधनों का उपयोग करना पड़ता है। नतीजन हमारा शरीर ग्लूकोनोजेनेसिस की प्राकृतिक प्रक्रिया शुरू करता है, जिससे वह अपनी चीनी का उत्पादन करता है। इसमें हमारा लीवर गैर-कार्बोहाइड्रेट पदार्थों जैसे लैक्टेट, अमीनो एसिड और लिपिड से ग्लूकोज ऊर्जा का उत्पादन करने में सहायता करता है। उपवास के दौरान, हमारी बुनियादी चयापचय दर (मेटाबोलिज्म) या आराम करते समय हम भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं क्योंकि हमारा शरीर ऊर्जा को संरक्षित करता है, जो कि हमारी हृदय गति और रक्तचाप को कम करता है।

इसके बाद एक अन्य प्रक्रिया हमारे उपवास चक्र में विकसित होती है, वह है किटोसिस, जो तब होती है जब शरीर अपने मुख्य ऊर्जा स्रोत के रूप में बसा भंडार का उपयोग करता है। रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और वजन कम करने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।

थायराइड से होने वाले विकारों कि रोकथाम काफी जटिल होती है, इसलिए यह आवश्यक है कि, इन विकारों का निदान और उपचार सही समय पर किया जाय, विशेषकर महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान। इसके गंभीर और यहाँ तक की जानलेवा परिणामों से बचने के लिए, थायराइड विकारों के लक्षणों और संकेतों के लिए सतर्क रहें और यदि आपको इनमें से कोई लक्षण अपने आप में या अपने प्रियजनों में महसूस होता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

(Inputs By: Dr. Anamika Choudhary, Senior Resident, Department of General Medicine, Sharda Hospital, Greater Noida)

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