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जैसा कि हम सभी जानते हैं कि गिलोय, आयुर्वेद की एक अहम औषधि है औक इसका इस्तेमाल बरसों से लोगों द्वारा किया जाता रहा है। गिलोय का उपयोग कई तरह की बीमारियों के उपचार में होता आ रहा है फिर चाहे वो पाउडर के रूप में हो या फिर टैबलेट के रूप में। बीते दो साल में कोविड के दौरान लोगों ने इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए गिलोय का खूब सेवन किया है। इम्यूनिटी को बूस्ट करने वाले गुणों के कारण इसे कोरोनोवायरस के जोखिम को कम करने वाली औषधियों के रूप में जाना जानें लगा है।
हालांकि गिलोय से लिवर को नुकसान होने की कई खबरें सामने आई, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई। हाल ही में आयुष मंत्रालय ने गिलोय से लिवर पर होने वाले साइडइफेक्ट के संदेह को दूर करने की कोशिश करते हुए इस औषधि के सीमित मात्रा में इस्तेमाल की सलाह दी और उस झूठ पर से पर्दा उठाया, जिसमें गिलोय के सेवन से लिवर को क्षतिके साथ गलत तरीके से जोड़ा गया है। आयुष मंत्रालय ने गिलोय से लिवर पर पड़ने वाले प्रभाव, सेवन का सही तरीका बताया है। अगर आप भी गिलोय का सेवन करते हैं तो आपके लिए ये जानना बहुत ही जरूरी है।
गिलोय एक भारतीय जड़ी बूटी है, जिसे चमत्कारी स्वास्थ्य गुणों के लिए जाना जाता है। कई एक्सपर्ट मानते हैं कि गिलोय आयुर्वेद की उन शक्तिशाली जड़ी बूटियों में से एक है, जो हमारे शरीर के सभी अंगों तक पहुंच सकती है फिर चाहे वो मस्तिष्क, श्वसन प्रणाली, हृदय, त्वचा और दूसरे अंग ही क्यों न हों। ये जड़ी-बूटी कई विकार का इलाज करने में मदद कर सकती है। गिलोय एंटीऑक्सिडेंट से भर-पूर होता है, जो शरीर में मौजूद मुक्त-कणों से लड़ता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद कर रक्त को शुद्ध बनाता है। इतना ही नहीं गिलोय पाचन में सुधार करता है, सांस की समस्याओं से लड़ता है और तनाव व चिंता जैसी मानसिक समस्याओं से राहत प्रदान करता है।
गिलोय एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक औषधि है और किसी भी अन्य दवा या फिर औषधि की ही तरह ही इसका जरूरत से ज्यादा उपयोग आपके लिवर के साथ-साथ आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए अगर आप जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन करते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और आपके लिवर के कामकाज को प्रभावित कर सकता है।
आयुर्वेद में गिलोय का सेवन बिल्कुल सुरक्षित माना जाता है लेकिन कभी भी सीधे गिलोय का रस पीने की सलाह नहीं दी जाती है। हमेशा गिलोय के रस को पानी में मिलाकर पीना चाहिए और आपको कभी भी नियमित रूप से छह सप्ताह से अधिक समय तक इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
एक्सपर्ट मानते हैं कि आप गिलोय के पाउडर का काढ़ा बनाकर उसे पी सकते हैं, जो आपके लिए बेस्ट होता है। आप 1 बड़ा चम्मच गिलोय पाउडर लें और इसे 2 कप पानी में उबाल लें। जब पानी 1 कप रह जाए तो खाने के साथ आसानी से पी सकते हैं।
दूसरा तरीका है गिलोय के चूर्ण को शहद के साथ दिन में दो बार लेना।
वटी के रूप में भी गिलोय को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। आप दोपहर और रात के खाने के बाद 2 गोलियां ले सकते हैं। आयुष मंत्रालय 500 मिलीग्राम गिलोय को अर्क के रूप में या 1-3 ग्राम पाउडर को दिन में दो बार 15 दिन या एक महीने तक गर्म पानी के साथ सेवन करने की सलाह देता है।
अगर आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श करना आपके लिए सबसे अच्छा है।