Ashwagandha for mens: चौड़ी छाती, किलर लुक और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए पुरुष खाएं अश्वगंधा चूर्ण, जानें सही मात्रा
अश्वगंधा बाजार में चूर्ण, गोलियों और तरल पदार्थ के रूप में उपलब्ध है लेकिन पुरुषों को कितनी मात्रा में इसका सेवन करना है इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। जानें किन रोगों में कितनी मात्रा का ही सेवन करना चाहिए।
Ashwagandha for mens: चौड़ी छाती, किलर लुक और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए पुरुष खाएं अश्वगंधा चूर्ण, जानें सही मात्रा
Written by Jitendra Gupta|Updated : January 12, 2021 3:07 PM IST
अश्वगंधा एक ऐसी भारतीय जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल बरसों से कई रोगों के उपचार में होता आ रहा है। कोरोना काल में भी इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए इसके इस्तेमाल क लेकर खूब चर्चा हुई है। अश्वगंधा (Ashwagandha for mens) एक बहुत ही उपयोगी औषधि है, जो कई रूपों में प्रयोग हो रही है। अश्वगंधा का इस्तेमाल ताकत को बढ़ाने से लेकर लंबे जीवनकाल के लिए होता आ रहा है। इसलिए इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल पुरुषों द्वारा अधिक किया जाता है। अश्वगंधा बाजार में चूर्ण, गोलियों और तरल पदार्थ के रूप में उपलब्ध है लेकिन पुरुषों को कितनी मात्रा में इसका सेवन करना है इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। आइए इस लेख में जानते हैं कि अश्वगंधा क्यों पुरुषों (Ashwagandha for mens) के लिए इतनाफायदेमंद है और किन रोगों में कितनी मात्रा का ही सेवन करना चाहिए।
पुरुषों के लिए इन रोगों में फायदेमंद है अश्वगंधा (Ashwagandha for mens)
जड़ी-बूटियों के राजा अश्वगंधा को कई थेरेपी उपचार में प्रयोग किया जाता है और इसके अपने कई शारीरिक स्वास्थ्य लाभ हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अश्वगंधा चूर्ण इन रोगों में पुरुषों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि किन रोगों में लाभकारी है ये चूर्ण (Ashwagandha for mens)।
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पुरुषों में प्रजनन क्षमता से लेकर स्पर्म क्वालिटी और टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने का काम करता है अश्वगंधा चूर्ण ।
ये मांसपेशियों के मास, ताकत और बॉडी फैट को कम करने में आपकी बहुत मदद करता है।
अश्वगंधा में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुण आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं।
अश्वगंधा T3 और T4 थायराइड हार्मोन लेवल को बूस्ट कर हाइपोथायराइडज्म के उपचाप में भी मदद करता है।
अश्वगंधा टाइप-2 डायबिटीज रोगियों के ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में भी मदद करता है।
कई अध्ययनों में ये पाया गया है कि अश्वगंधा का प्रयोग करने के बाद इंसानों में तनाव और चिंता विकार में 69 फीसदी की कमी देखी गई है।
इतना ही नहीं ये डिप्रेशन के गंभीर लक्षणों को 79 फीसदी तक कम कर सकता है। इसके साथ-साथ ये बच्चों और बूढ़ों में याददाश्त को बढ़ाने में भी मदद करता है।
अश्वगंधा इनसोममिया के उपचार में भी मदद करता है।
अश्वगंधा में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कम्पाउंड ट्यूमर कोशिकाओं को नष्ट करने का काम करते हैं और कई प्रकार के कैंसर के खिलाफ प्रभावी पाए गए हैं।
अश्वगंधा इंफ्केशन को मारने में भी मदद करता है।
किन रोगों में कितनी मात्रा अश्वगंधा लेना है सही (how much quantity)
तनाव को कम करने के लिए आपको महीने भर तक रोजाना 500 से 600 एमजी अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए।
प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए आपको कम से कम तीन महीने तक 5 ग्राम अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए।
ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए आपको दिन में 250 एमजी अश्वगंधा लेना चाहिए।
मांसपेशियों के विकास और ताकत को बढ़ाने के लिए आपको कम से कम 2 महीने तक 500 एमजी अश्वगंधा लेना चाहिए।
याददाश्त को बढ़ाने के लिए दिन में 500-600 एमजी अश्वगंधा जरूरी है।
इंफ्केशन को रोकने के लिए 250 एमजी अश्वगंधा जरूरी है।
(नोटः डेली डोज के लिए किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)
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