वात पित्त और कफ दोष का इलाज: जानिए गर्मियों में खानपान के द्वारा दोषों को सं‍तुलित रखने के उपाय

वात पित्त और कफ का इलाज: हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ दोष का संतुलन बनाए रखना सेहत के लिए बहुत आवश्यक है, इससे आपको अपनी डाइट में सुधार करने की जरूरत है.

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Written By: Atul Modi | Published : April 5, 2022 8:59 AM IST

आप जो खाते हैं और जिस प्रकार खाते हैं उसका आपकी सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार आपके शरीर में कई दोष होते हैं जो स्वस्थ रहने के लिए बैलेंस होना काफी जरूरी होते हैं। कई बार गर्मियों के दौरान पूरा पोषण न प्राप्त होने के कारण और गलत चीजें खाने के कारण आपके यह दोष असंतुलित हो जाते हैं। कुछ खाद्य पदार्थों के द्वारा ही इन दोषों को सही किया जा सकता है। आइए जानते हैं आपके दोषों को संतुलित करने के लिए गर्मियों में कौन कौन सी चीजों का सेवन करना चाहिए।

दोष क्या हैं और क्या हमारी डाइट दोष के असंतुलन को ठीक कर सकता है?

दोष शरीर और दिमाग में पाई जाने वाली बायोलॉजिकल एनर्जी को कहा जाता है। यह 5 पंचमहाभूत से मिल कर बने होते हैं जोकि हमारी 5 सेंस से जुड़े होते हैं। दोष हमारे शारीरिक, मानसिक, इमोशनल प्रोसेस को चलाने में जिम्मेदार होते हैं। यह दोष वात, कफ और पित्त होते हैं। हमारी सेहत सही रहने के लिए इनका एक लेवल हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है। अगर यह दोष असंतुलित हो जाते हैं तो आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। यह दोष 5 तत्वों से बने होते हैं जोकि अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश से मिल कर बने होते हैं।

  • वायु और आकाश से वात बनता है।
  • अग्नि और जल से पित्त बनता है।
  • जल और पृथ्वी से कफ बनता है।

यह तीनों दोष सभी के शरीर में अलग अलग लेवल में पाए जाते हैं। यह लेवल जलवायु और खान पान के हिसाब से बदल सकते हैं।

गर्मियों के दौरान वात, पित्त और कफ को कैसे दूर करें

बाहर पड़ने वाली भीषण गर्मी के कारण हमारा शरीर अंदर से भी गर्म हो जाता है। अग्नि और वायु तत्व थोड़े अधिक लेवल में पाए जाते हैं जो शरीर में पित्त और वटा दोष को बढ़ाते हैं। इस समय के दौरान हमारे पाचन तंत्र की अग्नि भी काफी कम होती है। गर्मियों का मौसम पित्त को बढ़ाता है इसलिए इस मौसम में ऐसी चीजें खानी चाहिए जो इसके लेवल को शरीर में थोड़ा शांत कर सकें। ऐसी चीजों में ठंडी चीजें जो अंदर से शरीर को ठंडक पहुंचा सके, अधिकतर लिक्विड और मीठी चीजों का सेवन करना चाहिए। ऐसी चीजें जो ज्यादा तीखी, गर्म, खट्टी और नमकीन हो उन्हे अवॉइड करना चाहिए। गर्मियों के सीजन में दूध, घी, प्राकृतिक रूप से ठंडे फल, नारियल पानी और जीरे के पानी जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए। यह चीजें इस दोष को संतुलित करने में मदद कर सकती हैं। दूध, जड़ों वाली सब्जियों, अनाज, ताजी दही जैसी चीजें भी पित्त दोष को बैलेंस करने में सहायक हो सकती हैं।

इन चीजों के अलावा भी आप केल, डैंडेलियन, डार्क चॉकलेट, नीम की पत्तियों और हल्दी, जीरे जैसे मसलों का सेवन कर सकते हैं। यह कड़वी चीजें खून के लिए भी लाभदायक हैं। यह प्यास भी कम लगने देते हैं और भूख भी नियंत्रित करते हैं। इन फलों से पाचन तंत्र काफी अच्छे से काम करता है।

यह चीजें मॉइश्चर अब्जॉर्ब करने में और अधिक पित्त को सोख लेने में सक्षम हैं। गर्मियों के दौरान होने वाली स्ट्रेस को कम करने के लिए बीन्स, फल, सब्जियों, सेब, बैरीज, ब्रोकली और अन्य ऐसी ही पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

निष्कर्ष

हमें यह ठंडी और कड़वी चीजें खाने के साथ साथ इस मौसम में कुछ चीजों के सेवन पर रोक भी लगा देनी चाहिए। ज्यादा तला हुआ और गर्म खाना न खाएं। मिर्च, प्याज और तीखे मसाले का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। नमक का भी सेवन देख कर ही करें। नींबू से सलाद ड्रेसिंग कर सकते हैं।

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