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Written By: Kishori Mishra | Published : August 6, 2020 12:33 PM IST
There can be nothing better than a mother’s milk for a newborn child.
Breast Milk Diet : नवजात शिशुओं को 6 महीने तक लगातार मां का दूध पिलाना चाहिए। इस बात से आप सभी अच्छी तरह से वाकिफ होंगे। 6 महीने तक लगातार मां के दूध के अलावा उन्हें किसी अन्य पदार्थ का सेवन नहीं कराना चाहिए और ना कि किसी तरह के पेय पदार्थों का सेवन शिशु को कराएं। मां का दूध नवजात को कई तरह की बीमारियों से बचाता है। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सलाह दी गई है कि शिशु को जन्म के बाद से 6 महीने तक लगातार मां का (Breast Milk Diet ) दूध पिलाएं।
करीब 6 माह के बाद ही शिशु को किसी अन्य ठोस (Is baby ready for solid foods) आहार का सेवन कराएं। इसके साथ-साथ इस दौरान भी मां का दूध उनके लिए जरूरी (Do babies need breast-milk after 6 months?) है। ऐसे में जरूरी है कि मां को भी अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर मां को ही दूध नहीं निकलेगा, तो वह शिशु को दूध नहीं पिला पाएगी। अपनी भागदौड़ भरी लाइसस्टाइल से थोड़ा समय निकालकर मांओं को भी अपने डाइट का ख्याल रखना चाहिए, ताकि वह (Breastfeeding Diet) अपने शिशु को सही से स्तनपान (Breast Milk Diet ) करा सकें।
कुछ महिलाओं को दूध निकलने में परेशानी होती है, इसका कारण सही आहार ना लेना होता है। ऐसे में सभी मां बनने वाली महिलाओं को शिशु के साथ-साथ खुद का भी ख्याल रखना जरूरी हो (Breastfeeding Diet in Hindi) गया है। आइए जानते हैं नई मां को अपने आहार (mother's diet during breastfeed) में किन-किन चीजों को शामिल करना चाहिए। जिससे वह अपने शिशु को सही से ब्रेस्ट फीड (super foods that may improve breast milk production) करा सकती हैं।
अगर आप अपने ब्रेस्ट मिल्क (Breast Milk) को बढ़ाना चाहती हैं, तो सुवा के पत्तों का सेवन करें। इस पत्तों को अंग्रेजी में डिल लीव्स (Dill Leaves) और मराठी में शेपू (Shepu in Marathi) कहते हैं। इन पत्तों के सेवन से स्तन का दूध बढ़ता है। सुवा के पत्तों के सेवन से पाचनतंत्र भी बेहतर होता है। साथ ही इसका स्वाद भी बहुत ही अच्छा होता है।
ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने के लिए मेथी का दाना भी बहुत ही अच्छा स्त्रोत है। मेथी के दानों को अंकुरित करके खाने से सेहत को कई लाभ होते हैं। इतना ही नहीं, मेथी को खाने से प्रेग्नेंसी के बाद होने वाले कब्ज से भी राहत मिलती है। अगर आप इसके दानों को जीरे के साथ मिलाकर खाते हैं, तो आपका वजन भी कंट्रोल होगा।
आयरन से भरपूर पालक सेहत के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इसके सेवन से शरीर में उर्जा बनी रहती है। साथ ही डिलीवरी के दौरान होने वाली खून की कमी जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं। पालक के सेवन से संक्रमण के खतरे से भी बचा जा सकता है। इसे रोजाना उबालकर खाने से ब्रेस्ट मिल्क बढ़ता है। साथ ही शरीर की उर्जा बनी रहती है।
फाइबर से भरपूर सौंफ भी ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है। यह ओस्ट्रेजेनिक (Oestrogenic properties) कारक लेक्टेशन (lactation) में आपकी मदद करता है। इसके साथ ही सौंफ में फॉलेट, ओटेशियम, विटामिन सी, विटामिन बी-6 और फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में आपकी मदद करता है। सब्जी में सौंफ को मिलाकर जरूर खाएं, इससे पेट की समस्या से भी राहत मिलेगी। इसके साथ ही यह एक बेहतर माउथ प्रेशनर के रूप में भी काम आता है। सुबह की चाय में भी आप सौंफ मिलाकर पी सकते हैं।
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