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Written By: Atul Modi | Published : September 20, 2023 6:45 PM IST
हल्दी वाला दूध (Haldi Wala Doodh) का सेवन, मतलब हर रोग का इलाज। दरअसल हल्दी वाले दूध का उपयोग अब से नहीं बल्कि प्राचीन काल से चलता आ रहा है। हल्दी दूध को गोल्डन मिल्क या टरमरिक मिल्क भी कहते हैं। यह दूध एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध होता है, जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है व बीमारी और संक्रमण से लड़ता है। आयुर्वेद में जितना महत्व हल्दी का बताया गया है उतना ही दूध का भी बताया गया है। अगर इन दोनों को मिश्रण यानी हल्दी वाला दूध सेवन किया जाए तो यह कई रोगों से हमें बचा सकते हैं।
इसीलिए, हल्दी वाले दूध को पीना स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी सेहतमंद माना गया है। हल्दी वाले दूध में एंटीऑक्सीडेंट और कई सेहतमंद तत्व होते हैं। जिससे शरीर की ज्यादातर बीमारियां खत्म होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। जैसे सांस संबंधी बिमारी, लिवर की समस्या, सूजन और जोड़ों में दर्द, डाइजेशन प्रॉब्लम, कैंसर और डाइबिटीज जैसी बहुत सी समस्याओं को होने से रोकता है। ये पीला पेय दूध को हल्दी और अन्य मसालों जैसे कि दालचीनी और अदरक के साथ मिलाकर बनाया जाता है।
हल्दी वाले दूध पीने के अनगिनत फायदे हैं। अगर इसे रोज गर्म पिया जाए तो शरीर को अंदर और बाहर से दोनों ही तरीकों से मजबूत बनाया जा सकता है।
हल्दी वाले दूध का सेवन ना सिर्फ घाव भरने के लिए बल्कि अंदरूनी दर्द से भी छुटकारा दिलाता है। यही नहीं इसको पीने से सूजन, जोड़ों में दर्द से राहत मिलती है। इसका मुख्य कारण इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व का अच्छी मात्रा में होता है।
परंपरागत तौर पर हल्दी का इस्तेमाल स्किन के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इसलिए जब हल्दी वाला दूध पिया जाता है तो इसमें इस्तेमाल सभी मसाले हल्दी वाले दूध को एंटीबैक्टीरियल और एंटी वायरल प्रॉपर्टी से भर देते हैं। जिसकी वजह से शरीर और स्किन को किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से बचाने में इसका सेवन फायदेमंद साबित होता है।
हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन अपने एंटीकैंसर गुणों के कारण शरीर को ब्रेस्ट कैंसर, किडनी प्रॉब्लम, स्किन डिजीज और डाइजेशन की खराबी जैसी परेशानियों से दूर रखता है। अपने इन गुणों की वजह से कर्क्यूमिन कैंसर की प्रगति को तो धीमा करता ही है साथ ही कीमोथेरेपी को अधिक प्रभावी बना सकता है।
कुछ शोध बताते हैं, कि हल्दी वाले दूध का सेवन ब्रेन के न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) के स्तर को बढ़ा सकता है। जिससे मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा मिलता है और दिमाग तेज होता है व याददाश्त भी बढ़ती है। इसलिए भी अवसाद और अल्जाइमर जैसे रोगों को दूर रखने में हल्दी वाले दूध की अहम भूमिका है।
हल्दी वाला दूध पीने से वजन तेजी से घटाया जा सकता है। दरअसल हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व अपने एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों की वजह से शरीर के फैट को तेजी से काटने लगता है। साथ ही शरीर का मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है और वजन अपने आप कम होने लगता है।
जैसा कि हमारे आयुर्वेद में भी इस बात का जिक्र है कि हल्दी से सभी तरह की दिल की बीमारी के खतरों को कम किया जा सकता है। शोध के मुताबिक हल्दी वाला दूध पीने से शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो जाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ावा मिलता है। इससे दिल का दौरा भी नहीं पड़ता।
शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हल्दी वाला दूध पीने से आपका मूड भी सही रहता है। असल में करक्यूमिन तत्व आपके तनाव और डिप्रेशन को काफी हद तक कम करने में सहायक है। यानी कि हल्दी वाला दूध बहुत से हेल्थ बेनिफिट से भरा है।
देखा जाए तो हल्दी वाला दूध पीना जितना लाभदायक है, कुछ मामलों में उतना ही नुकसानदायक भी होता है। जिनका मालूम होना आपके लिए बहुत जरूरी है। तो आइए एक नजर हल्दी वाले दूध पीने के नुकसान पर भी डालते हैं।
सुनने में अजीब होगा लेकिन शोध के मुताबिक ये सच है। हल्दी में ऑक्सालेट होता है। इसकी ज्यादा खुराक किसी भी इंसान की किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी बढ़ सकती है। अगर आपकी किडनी में समस्या है तो इससे दूरी ही रखें।
ज्यादा हल्दी से शरीर में आयरन की कमी होने लगती है। इसलिए हल्दी वाले दूध का ज्यादा सेवन आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
कहा जाता है कि हल्दी वाला दूध शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को बेहद कम कर देता है। अगर आपको डायबिटीज की समस्या है तो, हल्दी वाले दूध के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
पुरुषों द्वारा हल्दी का अधिक सेवन टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम कर सकता है और शुक्राणु की गति कम हो सकती है। साथ ही इससे प्रजनन क्षमता भी कम हो सकती है। यदि आप बच्चे पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं तो हल्दी के दूध का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
आप इसे घर पर बड़ी ही आसानी से तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक ग्लास दूध में एक एक चम्मच हल्दी, थोड़ी सी दालचीनी पाउडर, आधा छोटा चम्मद अदरक का पाउडर, एक चुटकी काली मिर्च पाउडर, एक चम्मच शहद चाहिए। इसे बनाने के लिए सभी सामग्रियों को मिलाकर दस मिनट पकाएं। फिर इसे छानकर पिएं।
निष्कर्ष: न ही किसी चीज की कमी सही है और न ही अधिकता। संतुलित मात्रा में हल्दी वाला दूध सेवन करने से यह आपको कभी नुकसान नहीं करेगा। आप इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले एक बार चिकित्सक की सलाह ले सकते हैं।