सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं केमिकल से पके आम, जानिए कैसे करें केमिकल वाले आम की पहचान

Aam Pakane Ka Tarika: कौन सा आम प्राकृतिक है और कौन सा केमिकल से पकाया गया है, ये आप कुछ उपायों के माध्यम से जान सकते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : June 1, 2022 6:05 PM IST

आम लगभग हर किसी का ही मन पसंद फल है और यही वजह है कि इसकी डिमांड हमेशा रहती है, हालांकि आम का उत्पादन मुख्य रूप से गर्मियों में होता है। आम का कारोबार करने वाले ज्यादतर व्यापारी किसानों से आम खरीदकर उसे मार्केट में बेचते हैं। ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए ज्‍यादातर व्यापारी आम को पेड़ पर पकने से पहले केमिकल में पकाकर अच्छी कीमत पर बेचते हैं। इससे उन्हें मुनाफा तो होता है, मगर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ भी होता है, क्योंकि केमिकल से पके आम सेहत को नुकसान भी पहुंचाते हैं। इस तरह की गतिविधियां लगभग पूरे देश में ही देखने को मिलती हैं। अगर आप फलों के रूप में केमिकल नहीं खाना चाहते हैं तो आपको काफी जागरूक रहना चाहिए। इसके साथ ही प्राकृतिक रूप से और केमिकल से पकाए गए आमों में अंतर को भी जानना चाहिए। तो आइए जानते हैं कैसे आप इन फलों की पहचान कर सकते हैं। साथ ही हम इस लेख के माध्‍यम से जानेंगे कि बिना केमिकल आम को घर में कैसे पकाएं?

केमिकल से पकाए गए फल हानिकारक क्यों होते हैं?

केमिकल से पकाए गए फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का प्रयोग किया जाता है, जिसे मसाले के नाम से भी जाना जाता है। यह एफएसएसएआई द्वारा खाद्य पदार्थों में बैन कर दिया गया था क्योंकि इसका स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ता है। इस केमिकल का सेवन करने से सिर दर्द, चक्कर आना और आंखों से कम दिखना जैसे साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं।

इसके अलावा पाचन तंत्र से जुडी काफी समस्याओं का ऐसे केमिकल के सेवन करने से सामना करना पड़ सकता है स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी लाभदायक नहीं है। इसलिए प्राकृतिक आम का सेवन करना ही काफी जरूरी होता है। आइए जान लेते हैं कैसे आप प्राकृतिक और केमिकल रूप से तैयार होने वाले आमों में पहचान कर सकते हैं।

केमिकल से पके आमों की पहचान कैसे हो सकता है?

  • अगर आमों को केमिकल से पकाया गया होगा तो आम की सतह पर अलग-अलग पीले और हरे रंग के पैच देखने को मिल सकते है जबकि नेचुरल आम में हरे और पीले रंग का मिश्रण एक साथ ही देखने को मिलता है।
  • केमिकल से पकाए गए आम प्राकृतिक आमों के मुकाबले ज्यादा रसीले नजर आते हैं। आप आम का सेवन करके भी देख सकते हैं।
  • अगर केमिकल से पकाए गए आम को चखने पर आप को अंदर थोड़ी सी जलन महसूस होती है या फिर आप को पेट दर्द, गले में जलन और दस्त जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं जबकि प्राकृतिक रूप से पके हुए आमों को चखने से आपको किसी तरह का साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिलने वाला है।

बिना केमिकल आम को घर में कैसे पकाएं?

बिना केमिकल आम को घर में पकाने के लिए आपको पइसे खर्च करने की जरूरत नहीं है, इसके लिए आप घर में पड़े अखबार और पुराने पेपर से ही आम पका सकते हैं। आप 3 से 4 पेपर में आम को लपेटकर घर के किसी कोने में रख दें और उसके ऊपर और नीचे जूट की बोरी लपेट दें। 4 दिन बाद ही आम पूरी तरह पक जाएंगे।