क्या सच में ब्लड शुगर बढ़ाता है चावल और आलू? वेलनेस कोच Luke Coutinho से जानें इन्हें खाने का सही तरीका

डायबिटीज में चावल कैसे खाएं या फिर शुगर में आलू खाना चाहिए या नहीं? ये दोनों ही सवाल अक्सर डायबिटीज के मरीज पूछते हैं। आइए, वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिहो से जानते हैं।

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Written By: Pallavi | Updated : October 31, 2022 10:15 AM IST

डायबिटीज के मरीज अक्सर अपने बढ़ते-घटते ब्लड शुगर को लेकर परेशान रहते हैं। उन्हें अक्सर इसी बात की चिंता लगी रहती है कि ऐसा क्या करें जिससे शुगर कंट्र्रोल में रहें। ऐसा ही एक सवाल अक्सर डाइट को लेकर लगा रहता है। दरअसल, डायबिटीज में दो चीजों के परहेज को लेकर अक्सर बताया जाता है पहला आलू (potatoes in diabetes) और दूसरा चावल (rice in diabetes)। आज तक यही बताया जाता रहा है कि ये दोनों ही चीजें यानी आलू और चावल दोनों में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है जो कि शुगर स्पाइक को बढ़ाता है। इसके अलावा ये डायबिटीज के दूसरे लक्षणों को भी प्रभावित करता है। लेकिन, सेलिब्रिटी वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिहो (Luke Coutinho) ने इन दोनों को खाने का एक ऐसा तरीका बताया है जो कि डायबिटीज में कारगर हो सकता है।

डायबिटीज में चावल कैसे खाएं?

सेलिब्रिटी वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिहो (Luke Coutinho) बताते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के लिए स्टार्च नुकसानदेह है लेकिन रेजिस्टेंस स्टार्च (Resistant Starch) नहीं। तो, ल्यूक कॉन्टिहो का कहना है कि आपको सफेद चावल को रेजिस्टेंस स्टार्च में बदलना है। इसके लिए चावल तो पका कर ठंडा करें। इसके लिए आप इसे फ्रिज में भी रख सकते हैं। धीमे-धीमे इसमें गुड बैक्टीरिया बढ़ेगा और रेजिस्टेंस स्टार्चकी मात्रा बढ़ने लगेगी। इस तरह ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।

शुगर में आलू खाना चाहिए या नहीं और कैसे खाएं

शुगर के मरीजों को आलू खाने से डर लगता है। लेकिन, वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिहो (Luke Coutinho) की मानें तो, आलू को उबाल कर फ्रिज में ठंडा करके आप आसानी से खा सकते हैं। आलू को ठंडा करना इसके रेजिस्टेंस स्टार्च को बढ़ाता है, यानी कि इसमें फाइबर और गुड बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ जाती है जिससे ये शुगर स्पाइक को कंट्रोल करने में मदद करता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद है रेजिस्टेंस स्टार्च (Resistant Starch)?

डायबिटीज के मरीजों के लिए रेजिस्टेंस स्टार्च कई प्रकार से काम करता है। ये ब्यूटायरेट (Butyrate) की तरह काम करता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। ये माइक्रोबायोम को बेहतर बनाता है और सूजन को कम करता है। इससे शुगर पचाने में मदद मिलती है और इससे शुगर स्पाइक नहीं होता। साथ ही ये पेट के लिए फायदेमंद है जो कि डायबिटीज में सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा ये मोटापा और मेटाबोलिज्म सिंड्रोम के लिए एक बेहतर विकल्प की तरह काम करता है।

इन सबके अलावा सेलिब्रिटी वेलनेस कोच ल्यूक कॉन्टिहो (Luke Coutinho) बताते हैं कि यह तरीका सेलुलर मेटाबोलिज्म को ठीक करने की कला है। इसलिए भ्रामक बातों में ना आएं और ठंडा आलू और चावल का ऐसे सेवन करें और डायबिटीज कंट्रोल करें।