
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : February 19, 2026 1:02 PM IST
Medically Verified By: Dr. Sugeeta Mutreja
रमजान का महीना स्पिरिचुअल प्यूरीफिकेशन और अनुशासन का समय होता है। इस दिन हम पूरे दिन रोजा रखने के बाद इफ्तार का इंतजार करते हैं और यह स्वाभाविक है। लेकिन इसी समय सबसे बड़ी चुनौती होती है, हम रोजा तोड़ते समय ओवरईटिंग (Overeating) कर लेते हैं। लाजमी है कि लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक अधिक खाना पाचन तंत्र, ब्लड शुगर और हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
ऐसे में पहले हमारा यह जानना जरूरी है कि हम इफ्तार के तुरंत बाद ओवरईटिंग करते क्यों हैं? इसका जवाब आरोग्य डाइट और न्यूट्रिशन क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. सुगीता मुटरेजा देती हैं कि ‘पूरे दिन रोजे के दौरान हमारे ब्लड शुगर का लेवल कम हो जाता है, भूख बढ़ाने वाले हार्मोन जिन्हें घ्रेलिन कहा जाता है, वह बढ़ जाता है और शरीर ऊर्जा की भरपाई के लिए अधिक खाने का संकेत देता है। ऐसे में अगर इफ्तार यानी कि रोजे के समय खाया जाने वाला भोजन संतुलित न हो, तो व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेता है।’ लेकिन इस ओवरईटिंग से कैसे बचा जा सकता है? आइए डॉक्टर से इफ्तार में ओवरईटिंग से बचने के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जानते हैं।
डॉक्टर सलाह देती हैं कि इफ्तार के समय अपने खाने को दो चरणों में बाटें, जैसे पहले चरण में रखें- 1–2 खजूर, एक गिलास पानी और हल्का सूप। जिन लोगों को घुटनों में दिक्कत है या फिर बहुत जल्दी वीकनेस हो जाती है, वह बोन ब्रोथ सूप पी सकते हैं। इसलिए आप पानी और खजूर से इफ्तार की शुरुआत करते समय, पानी को थोड़ा गुनगुना करके उसमें नींबू या नमक डालकर पिएं। बहुत ज्यादा पानी पीने से आपका डाइजेस्टिव बैग फुल हो सकता है। इसके बाद 10–15 मिनट का ब्रेक लें। इससे हमारे शरीर को संकेत मिलता है कि भोजन मिल चुका है। वहीं फिर आप दूसरे चरण में बैलेंस प्लेट जिसमें प्रोटीन + फाइबर + कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट आदि सभी पोषक तत्व शामिल हों।
अपनी इफ्तार की प्लेट को एक-दो चीजों से ही न भर दें। बल्कि सभी पोषक तत्वों को शामिल करें जैसे आप अपनी थाली का आधा हिस्सा सब्जियों व सलाद से भरें, चौथाई हिस्से में दाल, चिकन या पनीर रखें जो प्रोटीन की पूर्ति करेगा और चौथाई हिस्से में साबुत अनाज रखें ताकि कार्ब भी मिलें। इस तरीके से आप अपनी कैलोरी को भी कंट्रोल में रख सकते हैं।
इफ्तार के बाद हमें इतनी भूख लग जाती है कि हम खाना शुरू करते हैं और फिर जब तक पेट नहीं भरता, तब तक रुकते ही नहीं है। लेकिन यह गलती न करें। आप मुंह में जाने वाले हर एक निवाले को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं, क्योंकि हमारे दिमाग को पेट भरे होने का मैसेज मिलने में लगभग 15-20 मिनट लगते हैं। साथ ही अच्छी तरह से चबा कर खाया गया खाना पचने में आसान होता है।
अक्सर हम इफ्तार के दौरान पूरे दिन पानी नहीं पीते हैं, और जब रोजा तोड़ने की बारी आती है तो ठेर सारा पानी पीकर ही अपने पेट भर लेते हैं। इससे होगा यह कि कुछ समय में पानी पच जाएगा और फिर आपको फिर से भूख लगने लगेगी। साथ ही अधिक पानी पीने से डाइजेस्टिव जूस डायल्यूट हो जाता है, जिसकी वजह से आपको खाना खाने के बाद ब्लोटिंगया थकान हो सकती है।
डॉक्टर बताते हैं कि इफ्तार के मौके पर सभी के घर में पौष्टिक खाने के साथ पकवान भी बनते हैं जैसे समोसा, पकौड़े, शरबत और भारी मिठाइयां आदि, लेकिन आप रोजाना इन्हें खाने की आदत न बनाएं। बेहतर होगा कि आप फ्रूट चाट, दही, नट्स जैसे बेहतर विकल्पों का सेवन करें। साथ ही इसके अलावा इफ्तार के 30–45 मिनट बाद हल्की वॉक करें जो खाना पाचन में मदद करती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।