
... Read More
Written By: Atul Modi | Published : June 4, 2024 2:53 PM IST
फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की, कटलेट्स, बर्गर, समोसे जैसी दुनियाभर की पसंदीदा डिशेज आलू से बनाई जाती हैं। यही कारण है कि आलू एक ऐसी सब्जी है जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद है। यह न सिर्फ हर सब्जी का साथी है, बल्कि अकेले आलू से बनने वाली डिशेज की भी लंबी लिस्ट है। आमतौर पर लोग दो तरीके से आलू खाते हैं। उबालकर और बेक करके। लेकिन वे इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि दोनों में से सेहतमंद तरीका कौनसा है। अगर आप भी इसे लेकर कंफ्यूज रहते हैं तो चलिए आज बताते हैं आपको इसका जवाब।
आलू बहुत सारे विटामिन और मिनरल से भरा हुआ है। लेकिन ये जितना हेल्दी होता है, उतना ही नुकसानदायक भी। दरअसल, आलू को कई बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है। कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होने के कारण यह ब्लड शुगर को बहुत तेजी से बढ़ाता है। इसी के साथ इसका ज्यादा सेवन मोटापे का कारण भी बन जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार आलू को उबालने से या बेक करने से इसमें कोई अतिरिक्त कैलोरी नहीं बढ़ती है। हालांकि ये दोनों तरीके तलने से बेहतर हैं। क्योंकि ज्यादा गर्मी में पकाने से आलू के सभी पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
भारत में आमतौर पर आलुओं को उबालकर काम में लिया जाता है। यह एक अच्छा तरीका है, क्योंकि उबालने से आलू की कैलोरी कम हो जाती है। आलू उबालने से उसमें प्रतिरोध स्टार्च की मात्रा बढ़ जाती है। यह प्रतिरोध स्टार्च यानी रेजिस्टेंस स्टार्च काफी सेहतमंद होता है। यह प्रीबायोटिक के रूप में काम करता है और आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। इसी के साथ आलू को उबालने के बावजूद उसके सभी पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन सी, बी6 और पोटेशियम बरकरार रखते हैं। प्री डायबिटीज और डायबिटीज से पीड़ित लोग उबले हुए आलू खा सकते हैं, क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। ऐसे में यह ब्लड शुगर को ज्यादा प्रभावित नहीं करते।
पिछले कुछ सालों में भारत में बेक्ड आलू का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग इसे सीधे तौर पर सेहत से जोड़कर देखते हैं। दरअसल, बेक्ड आलू सच में सेहतमंद होते हैं। इन आलुओं में नेचुरल शुगर कैरेमलाइज हो जाती है, जिसके कारण ये ज्यादा टेस्टी लगते हैं। साथ ही इसमें फाइबर भी ज्यादा होता है, जो पाचन तंत्र के लिए अच्छा रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार बेक्ड आलू में उबले हुए आलुओं के मुकाबले पोटेशियम ज्यादा होता है। ऐसे में यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं।
उबले हुए आलू और बेक्ड आलू दोनों के लिए अपने फायदे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार उबले हुए आलू में कैलोरी काफी कम होती है, यही कारण है कि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है, जिसके कारण शुगर के मरीज भी इसे खा सकते हैं। हालांकि बेक्ड आलुओं के साथ ऐसा नहीं है। लेकिन बेक्ड आलुओं में फाइबर और पोटेशियम ज्यादा होता है, ऐसे में ये भी कम सेहतमंद नहीं है। गुणों, स्वाद और जरूरत के अनुसार आपको इसका चयन खुद करना चाहिए।