कटे हुए फल खरीदना कितना सुरक्षित है? जानें क्यों बरसात में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
कटे हुए फलों को खरीदकर खाना आपको काफी आसान लग सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बरसात के मौसम में यह विकल्प आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है? आइए डायटीशियन से जानते हैं इस बारे में-
Cut fruits safety in monsoon : फल खाना लगभग हर एक सीजन में फायदेमंद होता है, लेकिन क्या कटे हुए फलों का सेवन करना बारिश में सुरक्षित होता है? हम में से कई लोगों को कटे हुए फल को खरीदकर खाना काफी सुलभ लग सकता है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह हमेशा सुरक्षित नहीं होता। दरअसल, बरसात के सीजन में मौसम में नमी और गर्म वातावरण के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के तेजी से बढ़ने की संभावना होती है। इसी वजह से इस मौसम में फूडबोर्न इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इस विषय को अधिक विस्तार से जानने के लिए हमने हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल की डिप्टी चीफ डायटीशियन स्वेता ए से बातचीत की है। आइए विस्तार से इसे समझते हैं-
कटे हुए फलों का सेवन क्यों नहीं है सुरक्षित?
डायटीशियन का कहना है कि जब फल काटा जाता है, तो उसकी बाहरी सुरक्षा परत यानि छिलके हट जाते हैं। ऐसे में इससे अंदर का हिस्सा सीधे हवा, धूल, हाथों और उपकरणों के संपर्क में आ जाता है। इस स्थिति में अगर साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए तो कई तरह के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, असुरक्षित भोजन हर साल करोड़ों लोगों को बीमार करता है और इसका बड़ा हिस्सा खराब हैंडलिंग और स्टोरेज से जुड़ा होता है।
मानसून में खतरा क्यों बढ़ जाता बैक्टीरिया पनपने का खतरा?
डायटीशियन का कहना है कि बरसात में अन्य मौसम की तुलना में कटे हुे फलों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा ज्यादा रहता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैस-
- हवा में नमी का ज्यादा होना।
- तापमान 25–35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना, यह तापमान बैक्टीरिया ग्रोथ के लिए अच्छा होता है।
- खुले में रखे फल जल्दी खराब होते हैं
- मच्छर और धूल का काफी ज्यादा बढ़ना
CDC की रिपोर्ट के मुताबिक, फूड बोर्न जर्म्स कमरे के तापमान पर तेजी से मल्टीप्लाई करते हैं और कुछ ही घंटों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
क्या कहती हैं डायटीशियन?
डॉक्टर स्वेता ए का कहना है कि कटे हुए फल तभी सुरक्षित हैं, जब आप कुछ बातों पर ध्यान देकर खाते हैं, जैसे-
- साफ पानी और सैनिटाइज टूल्स से तैयार किया गया हो।
- ठंडे तापमान यानि 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे में फल रखा गया हो
- खुले में लंबे समय तक न रखा गया हो
- बिना हाथों के सीधे संपर्क के पैक किया गया हो।
- अगर फल पर चिपचिपापन, बदबू या रंग बदलना दिखे, तो उसे तुरंत नहीं खाना चाहिए।
Disclaimer: मानसून में कटे हुए फल आपके काम को जरूर आसान बना देते हैं, लेकिन हाइजीन में थोड़ी भी लापरवाही हेल्थ रिस्क बढ़ा सकती है। इसलिए जब भी शक हो, पूरा और ताजा फल ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।