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Written By: Yogita Yadav | Published : November 9, 2018 5:21 PM IST
इसमें विटामिन ए, विटामिन बी 1 , विटामिन सी, विटामिन बी 2 और कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज और जस्ता जैसे खनिजों सहित कई विटामिन अच्छी मात्रा में उपलब्ध होते हैं। © Shutterstock.
चटख संतरी रंग की दिखने वाली जावित्री मसालों में शुमार होती है, जिसका वैज्ञानिक नाम मिरिस्टिका फ्रेग्रेंस (Myristica fragrans) है। इसे जायफल की जुड़वां बहन के नाम से भी पुकारा जाता है। यह कड़े छिलके (hard shell) से जायफल को ढकता है। इस मसाले का आयुर्वेद नाम जतिसास्य या जतिफाला है और यह कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
जावित्री में पाए जाने वाले पोषक तत्वच – अपने पोषक तत्वों के कारण जावित्री को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है। जावित्री में तांबा और आयरन बहुत अच्छी मात्रा में होते हैं। इसमें विटामिन ए, विटामिन बी 1 , विटामिन सी, विटामिन बी 2 और कैल्शियम, मैग्नीवशियम, फॉस्फोनरस, मैंगनीज और जस्ता जैसे खनिजों सहित कई विटामिन अच्छी मात्रा में उपलब्ध होते हैं। जावित्री में कई आवश्यक शीघ्र वाष्पशील तेल होते हैं जैसे कि सफ्रोल, मैरिस्टिकिन, एमिमिसिन, युजीनॉल और फिक्स्ड तेल ट्रिमिरीस्टीन आदि, ये सभी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक हैं।
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ऐसे करें जावित्री का इस्तेमाल
जावित्री के फायदे
पाचन के लिए - यदि आपका पाचन तंत्र खराब है, तो आप इसे दुरुस्त करने के लिए जावित्री का उपयोग कर सकते हैं। कब्ज, गैस, पेट की सूजन आदि में जावित्री का उपयोग करने से लाभ मिलता है। यह मल त्याग, पेट फूलना और दस्त को भी प्रभावी रूप से ठीक कर सकता है।
कब्ज, गैस, पेट की सूजन आदि में जावित्री का उपयोग करने से लाभ मिलता है।
ब्लड सर्कुलेशन – ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर कर यह आपकी त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है और आपको अन्य संक्रमण और खतरों से बचाता है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने से मधुमेह और अन्य दिल से संबंधित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
दांतो को रखे स्वस्थ - दांतों को स्वस्थ रखने के साथ ही आप मुंह की बदबू के उपचार के लिए भी इसका उपयोग कर सकते हैं। जावित्री दांतों और मसूढ़ों के दर्द को दूर करने का प्राकृतिक उपाय है और बहुत से दंत मंजनों में इसका उपयोग किया जाता है।
तनाव को करे दूर – जावित्री का संयमित मात्रा में उपयोग करने से तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है। यह आपको मानसिक थकावट से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके साथ-साथ यह आपकी मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में भी मदद करती है।
किडनी को रखे स्वस्थ – जावित्री में गुर्दे की रक्षा करने की क्षमता होती है। यह आपके शरीर में गुर्दे के पत्थरों के विकास को रोकने में मदद करता है, और यदि आपको गुर्दे की पथरी है तो यह उन्हें दूर करने में भी मदद करता है। गुर्दे के संक्रमण और अन्य संबंधित समस्याओं को दूर करने का जावित्री एक प्राकृतिक उपाय है। जानें उस बीमारी के बारे में जो बढ़ती उम्र में पुरुषों को करती है परेशान
हृदय को रखे स्वस्थ - इसमें पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है जो हृदय को स्वस्थ्य बनाए रखने में मदद करती हैं। सभी प्रकार की कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं को दूर करने के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है। यह मसाला वासोडिलेटर (vasodilator) के रूप में कार्य करता है और रक्त वाहिकाओं को आराम दिलाने में सहायक होता है।
सर्दी और खांसी से बचाए - इसका सेवन करने का एक और फायदा यह भी है कि यह सर्दी और खांसी से बचाती है। यह फ्लू और वायरल जैसी बीमारियों से बचाती है। साथ ही मस्तिष्क, अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं का उपचार करने में भी मदद मिलती है। रात देर से खाते हैं खाना, तो इन परेशानियों के लिए रहें तैयार
सावधानी भी है जरूरी
यह एक आयुर्वेदिक औषधी और मसाला है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। लेकिन यदि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है तो यह आपके लिए असुरक्षित भी हो सकता है। अधिक मात्रा में जावित्री का सेवन करने पर यह एक गर्भवती महिला में गर्भापात या नवजात जन्म दोष का कारण बन सकता है। जावित्री का अधिक मात्रा में सेवन करना स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए खतरा बन सकता है।