
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : April 16, 2026 5:04 PM IST
Image credits by: effects of hidden sugar in children brain
Hidden Sugar Effects on Children: छोटे बच्चे अक्सर बाहर की चीजें खाने की जिद करते रहते हैं और कई बार पेरेंट्स उनकी जिद के आगे मजबूर हो जाते हैं। जबकि पेरेंट्स को यह पता भी होता है, कि बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बाहर की चीजें अच्छी नहीं हैं। हालांकि, यह जानकारी भी अधूरी है, पेरेंट्स को यह जरूर पता है कि बच्चे को बाहर की चीजें खिलाने से वह बीमार पड़ सकता है लेकिन बात सिर्फ बीमारी तक नहीं है। बच्चों का शरीर तेजी से ग्रोथ कर रहा होता है और इसलिए उनके शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व चाहिए होते हैं, जो घर के नेचुरल और हेल्दी खाने से ही मिलते हैं। जबकि बाहर के टेस्टी व जंक फूड्स में उन्हें ये जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते और मिलता है तो सिर्फ “हिडन शुगर” जो न सिर्फ उनकी पाचन क्रिया और ग्रोथ को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि उनके दिमाग पर भी असर डाल रहा है। यह आर्टिकल खासतौर पर उन पेरेंट्स के लिए ही है, जिनके बच्चे बाहर की चीजें खाते हैं। ताकि उन्हें यह पता हो सके कि बाहर की चीजों में छिपा शुगर बच्चों को दिमाग को कैसे नुकसान पहुंचा रहा है और इससे बच्चों को कौन सी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे पहले आपको यह जानना चाहिए कि बच्चों के शरीर में आखिर शुगर बाहर की खाने-पीने की चीजों में छिपकर जा कैसे रहा है। अगर आपने घर पर बच्चे को रिफान्ड शुगर की चीजें देना बंद क दिया है, तो बाहर की कुछ चीजों पर भी आपको खास ध्यान देना चाहिए जैसे –
अगर आप भी सिर्फ यही समझ रहे हैं, कि बाहर की चीजों से बच्चों के शरीर में जो शुगर जा रहा है यानी जो हिडन शुगर है वह सिर्फ बच्चों में भी वजन बढ़ने का कारण बन रहा है तो आपको बता दें कि यह बच्चों के दिमाग पर भी असर डाल रहा है। NCBI की एक रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के शरीर में जा रहा हिडन शुगर उनके मेमोरी फंक्शन यानी याददाश्त पर लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है। सरल शब्दों में कहें तो अगर बच्चों को अगर बच्चे जाने-अनजाने में अपने भोजन में ज्यादा शुगर ले रहे हैं, तो उसका असर उनकी मानसिक और शारीरिक ग्रोथ पर पड़ सकता है।
अगर बच्चे के शरीर में शुगर जा रहा है, तो उससे बच्चे को कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है, जिनमें से कुछ क्रोनिक बीमारियां भी हो सकती हैं। क्रोनिक बीमारियां वे होती हैं, जो लंबे समय तक रहती हैं। नेशनरल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ NIH के द्वारा पब्लिश की गई एक स्टडी में यह पाया गया कि कम उम्र में ही शुगर इनटेक बढ़ने से बच्चों में मोटापा और आगे जाकर टाइप 2 डायबिटीज और हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर जैसी क्रोनिक बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
पेरेंट्स को अपने बच्चों की डाइट का खासतौर पर ध्यान रखना है और यह बात समझनी है कि शुगर बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक है। अगर आप घर पर बच्चों को शुगर वाली चीजें नहीं खिलाते हैं, लेकिन बच्चा बाहर की चीजें खा रहा है तो भी उसके शरीर में हिडन शुगर जा रहा है। इसलिए अपने बच्चे की डाइट में घर का नेचुरल खाना ही शामिल करें, जिसमें शुगर व अनहेल्दी फैट की बजाय विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर जैसी जरूरी पोषक तत्व हों ताकि बच्चों में पोषक तत्वों की कमी न हो।
साथ ही बच्चे के लिए बाहर से कोई भी खाने-पीने की चीज लेने से पहले उसमें शुगर कंटेंट की जांच करें और अच्छी क्वालिटी वाले ब्रांड की चीजें ही लें। बाहर मिलने वाली चीजों में अक्सर शुगर निम्न नामों से पाया जाता है जैसे -
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
अच्छा खान-पान होने के साथ-साथ अच्छा माहौल भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए जरूरी है
बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उनकी सही परवरिश करना जरूरी है
बच्चे की उम्र के अनुसार हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर ही खाना खिलाना चाहिए, जिससे उसे बेहद पोषण मिल सके
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