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Written By: Atul Modi | Updated : January 7, 2023 6:31 AM IST
अंडे गुड कोलेस्ट्रॉल और प्रोटीन के साथ-साथ जरूरी विटामिन और मिनरल्स के बेहतरीन सोर्स होते हैं। अंडे का सेवन कराने से बच्चों का अच्छी तरह से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। लेकिन पेरेंट्स अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि बच्चों को अंडे (Egg For Kids In Hindi) का सेवन कब और कैसे कराना चाहिए। अगर आप भी इस बात से अनजान है तो हम आपको एक्सपर्ट के माध्यम से बताते हैं कि छोटे बच्चों को किस उम्र में अंडे खिलाने चाहिए (When Can Egg Be Introduced To Baby In Hindi) और अंडे खिलाने का तरीका क्या होना चाहिए?
निमाया हॉस्पिटल, सूरत के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ पार्थ सोनी ने अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से बताया है कि छोटे बच्चों को अंडे कब और कैसे खिलाना चाहिए। डॉ पार्थ के अनुसार, 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को अंडे से परिचित कराया जा सकता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अंडा एक एलर्जी वाला फूड है, इसलिए जब भी आप ऊपर का खाना खिलाना शुरू करते हैं तो पहले नॉन एलर्जिक फूड खिलाना शुरू करें। कोशिश करें कि अंडे को 7-8 महीने की उम्र के बाद खिलाना ज्यादा सही होता है।
जब भी अंडे को खिलाना शुरू करें तो सबसे पहले उसके पीले हिस्से को खिलाएं। लगातार तीन दिन पीले हिस्से को खिलाने के बाद देखें कि बच्चे को किसी तरह की एलर्जी तो नहीं हो रही है। कुछ बच्चों में स्किन रैशेज, लूज मोशन और अन्य लक्षण देखे जा सकते हैं। अगर पीला भाग खिलाने के बाद बच्चे में किसी भी तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं तो आप कुछ दिन बाद अंडे का ऊपरी सफेद हिस्सा मैश करके खिला सकते हैं। सफेद हिस्सा पीले हिस्से की तुलना में ज्यादा एलर्जिक होता है, इसलिए इसे भी तीन-चार दिन लगातार खिलाकर किसी भी तरह के एलर्जी वाले लक्षणों पर नजर बनाए रखें।
सफेद हिस्से में प्रोटीन अधिक होता है, शरीर के ओवरऑल ग्रोथ के लिए जरूरी पोषक तत्व है। जबकि पीला हिस्सा गुड कोलेस्ट्रॉल (Good Cholesterol) के लिए जाना जाता है, जो ब्रेन के लिए बहुत अच्छा होता है। बच्चों को उबला हुआ अंडा (Boiled Egg For Baby) देना ज्यादा अच्छा होता है।