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Home Remedies For Acidity: मौसम का बदलना हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है। सर्दी से गर्मी या गर्मी से बरसात का मौसम आने पर शरीर को नए वातावरण के अनुसार ढलने में समय लगता है। इस दौरान अक्सर लोग खट्टी डकार, सीने में जलन, पेट में भारीपन और गैस जैसी समस्याओं से परेशान होते हैं, जिसे आमतौर पर एसिडिटी कहा जाता है। बदलते मौसम में एसिडिटी होना बहुत आम समस्या है, लेकिन अगर इसका समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर गैस्ट्रिक परेशानी का कारण भी बन सकती है। इन दिनों अगर आप भी बदलते मौसम के कारण एसिडिटी और पाचन से जुड़ी अन्य परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो हम आपको बताने जा रहे हैं इससे राहत पाने के 5 घरेलू उपायों के बारे में।
एसिडिटी का मतलब है पेट में बनने वाले अत्यधिक एसिड (HCL) का भोजन नली (Esophagus) या गले तक पहुंच जाना। जब पेट में एसिड की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है तो यह भोजन नली में जलन, डकार और उल्टी जैसी परेशानियां होती हैं।
बदलते मौसम के कारण अगर किसी व्यक्ति को एसिडिटी की परेशानी हो रही है, तो उसमें नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैंः
1. तुलसी के पत्ते- बदलते मौसम में होने वाली एसिडिटी की परेशानी से तुलसी के पत्ते चबाकर राहत पाई जा रही है। तुलसी के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसमें एंटी-एसिडिक तत्व भी पाए जाते हैं। बदलते मौसम में रोजाना सुबह खाली पेट 4 से 5 तुलसी के पत्ते चबाए जाए, तो इससे एसिडिटी की परेशानी को दूर करता है।
2. ठंडा दूध- एक गिलास बिना शक्कर का ठंडा दूध पीने से एसिडिटी शांत होती है। दूध कैल्शियम से भरपूर होता है जो एसिड को न्यूट्रलाइज करता है। रात को सोने से पहले अगर ठंडा दूध पिया जाए, तो इससे एसिडिटी कम होती है। ठंड दूध पेट की अम्लता को कम करके खट्टी डकार और उल्टी जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।
3. सौंफ- मौसम कोई भी पेट से जुड़ी समस्याओं का इलाज करने में सौंफ पहले नंबर पर आता है। सौंफ को चबाने या सौंफ का पानी पीने से पाचन सुधरता है। सौंफ में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-एसिडिक गुण होते हैं। ये पेट की जलन को शांत करके बदलते मौसम में होने वाली एसिडिटी से राहत दिलाते हैं।
4. जीरा- जीरे को पानी में उबालकर पीने से पेट की जलन शांत होती है।जीरा पानी एक प्राकृतिक एंटी-एसिड के रूप में काम करता है, जो पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करता है। जीरे में हाई फाइबर के गुण होते हैं, जो मल को मुलायम बनाकर मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं। बदलते मौसम में होने वाली एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए जीरा का सेवन रामबाण इलाज है।
5. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)- गुनगुने पानी में 1 चम्मच ACV मिलाकर पीने से पेट का pH संतुलित होता है। एप्पल साइडर विनेगर में एसिटिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा होती है और एसिटिक एसिड पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और बैड बैक्टीरिया को खत्म करते हैं। इससे एसिडिटी, पेट में होने वाली जलन और दर्द की कम होता है।