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Written By: Anshumala | Updated : July 28, 2018 1:02 PM IST
आज हेपेटाइटिस बीमारी भारत में बढ़ती ही जा रही है। हेपेटाइटिस लीवर की बीमारी है, जिसमें लीवर कमजोर हो जाता है। जब लीवर कमजोर होती है, तो पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। ऐसे में हेपेटाइटिस होने पर खान-पान के प्रति खास सावधानी बरतनी चाहिए। पाचन न गड़बड़ाए, इसके लिए किसी खास डायट प्लान की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ चीजों के सेवन के प्रति सावधानी बरतनी भी जरूरी है। हेपेटाइटिस का छह महीने से अधिक समय तक उपचार न हो तो यह जानलेवा हो सकता है।
कैसा हो आहार
1 ओशोधारा के योगाचार्य ओशो सिद्धार्थ औलिया का कहना है कि हेपेटाइटिस के रोगियों को हल्का, सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। उन्हें अनाज में चावल, दलिया, साबूदाने या सूजी की खीर, खिचड़ी, बाजरा/जौ/गेहूं की चोकरयुक्त रोटी खानी चाहिए।
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2 नारियल पानी, मलाई से निकला दूध, गुनगुना पानी, फलों का रस, गन्ने का रस, नींबू पानी का उपयोग उनके लिए फायदेमंद है।
3 सब्जियों में टमाटर, मूली, पालक, करेला, गाजर, खीरा, मेथी, फूलगोभी, धनिया, पुदीना आदि का सेवन करने से लाभ होता है।
4 फलों में पिंड खजूर, पपीता, अनार, खरबूजा, सेब, तरबूज, अंगूर, चीकू, आंवला, अनार और खजूर लेने की सलाह दी जाती है।
5 ऐसे रोगियों को कब्ज और अपच पैदा करने वाले भारी और गरिष्ठ भोजन, मिर्च-मसाले, हींग, अरबी, उड़द की दाल, चीनी, नमकीन, खटाई, चाय-कॉफी, अचार, मैदे से बनी चीजों, तम्बाकू, तेल, घी, मांसाहार, शराब आदि से दूर रहना चाहिए।
6 स्वस्थ भोजन करने के साथ ही अपने वजन को भी संतुलित रखने की सलाह दी जाती है। इससे बीमारी को जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है।
हेपेटाइटिस में डायट का महत्व
आप जो भी खाते हैं, उसे पचाने का काम करता है लीवर। भोजन को लीवर संग्रहित ऊर्जा में बदलकर शरीर को जरूरी रसायन की पूर्ति करता है। इसके साथ ही मांसपेशियों के निर्माण के लिए लीवर शरीर को पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। इन पोषक तत्वों से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और शरीर बेहतर और सुचारू रूप से काम कर पाता है। ऐसे में लीवर जब इतना काम करता है, तो उसे हेल्दी रखने के लिए स्वस्थ खानपान भी बेहद जरूरी है।
अस्वस्थ खानपान से हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए लीवर की समस्या और गंभीर हो सकती है। आहार में कैलोरी की मात्रा भी अधिक होने से वजन बढ़ सकता है। वजन बढ़ने से लीवर में फैट एकत्रित हो सकता है, जिससे फैटी लीवर की समस्या हो सकती है। इससे आप हेपेटाइटिस बी के शिकार हो सकते हैं। शराब में विषाक्त पदार्थ होते हैं, जो लीवर के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे में हेल्दी डायट लेते रहने से लीवर मजबूत होता है। इससे लीवर संबंधित रोग होने की संभावना बहुत कम हो जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
चित्रस्रोत-Shutterstock.