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हार्ट सर्जन ने बताया दिल को सुरक्षित रखने का तरीका, बताया- डिब्बों पर क्या पढ़ना है जरूरी

भारत में जिस तरह से हार्ट की बीमारियां बढ़ रही हैं और बाजार का खानपान तेज हो रहा है, ऐसे में यह जानना हम सबके लिए जरूरी है कि बाजार में डिब्बेवाली चीजें खरीदने से पहले लेवल पर क्या पढ़ना चाहिए?

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : July 17, 2026 11:44 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Sama Akbar

सुबह उठकर चाय के साथ बिस्कुट, ऑफिस में भूख लगे तो चिप्स का पैकेट और रात को थकान मिटाने के लिए रेडी-टू-ईट दाल चावल। पहले जहां लोग पूरा दिन घर पर बना हुआ खाते थे, लेकिन अब हमारा दिन अब डिब्बों और पैकेट्स के बिना पूरा नहीं होता। पर क्या आपने कभी सोचा है, सुविधा के इस चक्कर में हम अपने दिल को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं? रिसर्च बताती है कि पैकेट वाले फूड्स खाने से दिल की बीमारियों का खतरा 10 से 15 गुणा ज्यादा हो जाता है।

चेन्नई के ऑक्सीमीड हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समा अकबर कहते हैं- "मेरे पास आने वाले 40 की उम्र के 10 में से 4 मरीजों की नसें 60 साल के बुजुर्ग जैसी जाम मिलती हैं। वजह सिर्फ एक है - हमारी थाली में बढ़ता हुआ 'प्रोसेस्ड फूड'। बाजार में मिलने वाले सूप, सॉस, नूडल्स, फ्रोजन फूड्स और स्नैक्स को जब डिब्बे बंद कर दिया जाता है तो इसमें कई तरह के केमिकल्स मिल जाते हैं। समस्या यह है कि हम पैकेट के आगे लिखा "टेस्टी" और "इंस्टेंट" देखकर पीछे की लिस्ट पढ़ते ही नहीं।

भारत में हार्ट के मरीजों के मामले बढ़ रहे हैं।

हार्ट की बीमारियों की जिम्मेदार हैं सफेद जहर

डॉक्टर के मुताबिक, हार्ट अटैक और हाई BP के पीछे 3 सफेद जहर सबसे बड़े जिम्मेदार हैं - नमक, चीनी और ट्रांस फैट। गौर करने वाली बात तो यह है कि यह तीनों ही चीजें आपको हर पैकेट और डिब्बाबंद स्नैक्स में मिल ही जाएंगे। डॉ. समा अकबर कहते हैं कि इसलिए अब हमारे देश में सही खानपान पर नहीं बल्कि सामान खरीदने से पहले डिब्बे के लेबल को पढ़ने की बात करनी चाहिए।

डिब्बा खरीदने से पहले लेवल पर ये 5 Ingredients जरूर पढ़ें

  1. सोडियम- कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समा अकबर कहते हैं कि सोडियम एक प्रकार का छिपा हुआ नमक होता है। एक पैकेट नूडल या पिज्जा सॉस में 1 दिन की जरूरत का आधा नमक होता है। ज्यादा सोडियम से BP बढ़ता है और नसों पर प्रेशर आता है। इसलिए किसी भी डिब्बे वाली चीज को खरीदते समय Sodium, Salt, Baking Soda, Monosodium Glutamate - MSG जैसी चीजों का इस्तेमाल कितनी मात्रा में किया गया है, यह जरूर चेक करें।
  2. ट्रांस फैट- भारत में ज्यादातर लोग ट्रांस फैट को घी ही मानते हैं, लेकिन यह एक प्रकार का आर्टिफिशियल घी होता है। पैकेट में मिलने वाले चिप्स, कुकीज, पेस्ट्री को कुरकुरा रखने के लिए ट्रांस फैट का ही इस्तेमाल करते हैं। ट्रांस फैट शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल LDL बढ़ाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल HDL घटता है। लेबल पर देखें  Partially Hydrogenated Oil, Vanaspati, Hydrogenated Vegetable Oil का इस्तेमाल कितनी मात्रा में किया गया है।
  3. चीनी- टोमैटो केचप से लेकर ब्रेड तक में चीनी मिलती है। ज्यादा चीनी मोटापा, डायबिटीज और फिर हार्ट डिजीज का रास्ता खोलती है। लेबल पर देखें कि किसी प्रोडक्ट को बनाने के लिए कितनी मात्रा में Sugar, Corn Syrup, Dextrose, Fructose, Maltose का इस्तेमाल किया गया है। Ingredients लिस्ट में Sugar जितना ऊपर होगा, उतनी ज्यादा मात्रा होगी।
  4. सैचुरेटेड फैट- पाम ऑयल, कोकोनट ऑयल के नाम पर ये नसों में चर्बी जम जाता है। लेवल पर चेक करें कि पैकेट पर सैचुरेटेड फैट का इस्तेमाल कितनी मात्रा में किया गया है।

आम लोगों को क्या करना चाहिए?

डॉ. समा कहते हैं- हार्ट की बीमारियों से बचाव करने के लिए घर पर बना हुआ शुद्ध खाना ही खाना चाहिए। पैकेज्ड वाले फूड्स को बिल्कुल इग्नोर करना चाहिए। जिन पैकेट पर 5 से ज्यादा Ingredients का इस्तेमाल किया गया है, उन्हें बिल्कुल न खाएं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताई गई बातें किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं हैं। डाइट में किसी भी प्रकार का बदलाव या कोई नई दवा शुरू करने या दिल से जुड़ी कोई समस्या होने पर अपने कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।