हेल्‍दी नाश्‍ता है गुड़ की रोटी, दूर होगी आयरन की कमी

अगर आप बहुत अधि‍क थकान या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तब आपको गुड़ की रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए।

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Written By: Yogita Yadav | Published : August 27, 2019 10:13 AM IST

पारंपरिक तौर पर बनाई जाने वाली गुड़ की मीठी रोटी (Jaggery bread benefits) कुछ खास आयोजनों पर पकाई जाती रही है। यह मीठी रोटी न सिर्फ टेस्‍टी होती है, बल्कि सेहत के लिए भी यह काफी फायदेमंद है। गेहूं और गुड़ की मौजूदगी के कारण यह हाई फाइबर रोटी (Jaggery bread benefits) शरीर में आयरन की कमी नहीं होने देती। आप चाहें तो स्‍वाद बढ़ाने के लिए इसे घी लगाकर भी सेक सकते हैं। आइए जानते हैं गुड़ की मीठी रोटी बनाने की आसान विधि और इसके लाभ।

गुड़ की रोटी बनाने के लिए सामग्री (Jaggery bread benefits)

  • गेहूं का आटा- 500 ग्राम
  • गुड़- 500 ग्राम
  • पानी- 400 मि.ली.
  • खसखस – थोड़ी सी
  • घी – आवश्‍यकतानुसार
  • सूखे मेवे बारीक कटे हुए
  • सौंफ के बीज- 1 टीस्पून

गुड़ की रोटी बनाने की विधि (Jaggery bread benefits)

सबसे पहले हल्‍के गुनगुने पानी में गुड़ को भिगोकर रख दें। लगभग आधे घंटे में यह गुड़ अच्‍छी तरह पानी में मिक्‍स हो जाएगा।

अब बाऊल में गेहूं का आटा और थोड़ा सा घी डालें। इसे मिक्‍स किए हुए गुड़ के पानी से सख्‍त गूथ लें।

गुथे हुए आटे की कुछ मोटी लोई बनाकर इसे हल्‍के हाथ से बेल लें। ध्‍यान रहे गुड़ की रोटी थोड़ी मोटी ही अच्‍छी लगती है। रोटी को पूरी तरह बेलने से पहले उस पर खसखस बुरक दें। और अपनी इच्‍छानुसार बारीक कटे मेवे भी। अब फि‍र से रोटी को बेलें। ताक खसखस और मेवे अच्‍छी तरह रोटी में जज्‍ब हो जाएं और सेकते हुए वे बाहर निकले नहीं।

बेली हुई रोटी को तवे पर सेकें। एक तरफ से सिकने के बाद पलटें और घी लगाएं। इसी तरह रोटी की दूसरी साइड भी सेकें और घी लगाएं।

लीजिए आपकी गुड की मीठी रोटी तैयार है। गुनगुने दूध के साथ गर्मागर्म सर्व करें।

खास बात यह कि रोटी को आप चार-पांच घंटे बाद भी खाएंगे तो इसके स्‍वाद और पौष्टिकता में कोई फर्क नहीं आता। यानी आप इसे शाम के स्‍नैक्‍स में भी शामिल कर सकते हैं।

गुड़ की मीठी रोटी खाने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ (Jaggery bread benefits)

नहीं होगी आयरन की कमी

गुड़ से तैयार गुड़ की मीठी रोटी अपने में गुड़ के सभी पौष्टिक तत्‍व लिए रहती है। गुड़ आयरन का उच्‍च स्रोत होता है। इसलिए इसे खाने से आपको आयरन की कमी नहीं होती।

जोड़ों में दर्द होने पर

अगर आपको लंबे समय से जोड़ों में दर्द रहता है, तो आपको नाश्‍ते में गुड़ की रोटी को दूध के साथ खाना चाहिए। इससे आपको बोन हेल्‍थ के लिए जरूरी पौष्टिक तत्‍वों की आपूर्ति होगी।

सर्दी-जुकाम में लाभकारी

बरसात के मौसम में होने वाले संक्रमण और वायरल फ्लू में गुड़ की रोटी बहुत अधिक मददगार होती है। इससे आपकी इम्‍यूनिटी बूस्‍ट होगी। इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह सर्दी, जुकाम और खास तौर से कफ से आपको राहत देने में मदद करेगा।

पाचन में सुधार

गुड़ की रोटी आयरन और हाई फाइबर लिए रहती हैं। जिससे आपका पाचन तंत्र दुरुस्‍त रहता है। यह पचने में आसान है, पर आपका पेट लंबे समय तक भरे होने का अहसास रहता है। जिससे आप ओवरईटिंग या फूड क्रेविंग से बच जाते हैं।

स्‍फूर्तिदायक

गुड़ की रोटी आपके लिए एनर्जी का बढि़या स्रोत हो सकती है। इसके सेवन से आप शरीर में स्‍फूर्ति और तंदुरुस्‍ती महसूस करते हैं। अगर आप बहुत अधि‍क थकान या कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तब आपको गुड़ की रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए। यह आपके शरीर में उर्जा के स्तर को बढ़ा देती है, और आपको थकान महसूस नहीं होती।

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