
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 14, 2022 9:59 PM IST
Side Effects Of Soy: सोयाबीन एक पॉवरफुल फूड है और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का एक बेहतर स्रोत है। विशेषकर,वीगन या शाकाहारी डाइट लेने वाले लोगों के लिए प्रोटीन की डेली खुराक लेने के लिए सोयाबीन का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। सोयाबीन एक प्रकार की दाल है जिसकी प्रोसेसिंग करने के बाद सॉय प्रोटीन (soy protein), सॉय मिल्क (soy milk) और सॉय फाइबर (soy fiber) और सोया बड़ियां (soy nuggets) बनायी जाती हैं।
सोयाबीन में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है और इसका सेवन करने से हाई कोलेस्ट्रॉल (high cholesterol), हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure), हार्ट डिज़िज़ेज़ ( heart disease), डायबिटीज (diabetes) और प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (premenstrual syndrome) जैसी बीमारियों से बचाव के लिए इसके सेवन की सलाह दी जाती हैं। लेकिन, इतने फायदों के बावजूद सोयाबीन का सेवन हर स्थिति में या हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद नहीं है। इस लेख में पढ़ें सोयाबीन के सेवन की वजह से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में। (Side Effects Of Soy In Hindi)
सोयाबीन का बहुत अधिक सेवन करने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन लेवल बिगड़ने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्टडीज के अनुसार, पुरुषों पर किए गए एक सर्वे में यह पाया गया कि सोया का सेवन करने वाले लोगों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल 19 फीसदी तक कम हो सकता है।इसके अलावा पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है और इसीलिए, पुरुषों को सोया का सेवन सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।
कुछ स्टडीज में ऐसा देखा गया है कि सोया प्रॉडक्ट्स का अधिक सेवन करने से आपके लिए हाइपरथाइरोइडज्म का रिस्क बढ़ सकता है। थायराइड ग्लैंड के प्रभावित होने से लोगों को गॉइटर (Goiter) और ऑटोइम्यून थायराइड (Autoimmune Thyroid) जैसी बीमारियां भी होने का डर बढ़ सकता है। इसी तरह सोया का सेवन करने से थायराइड के इलाज के दौरान दी जाने वाली दवाइयों को भी ठीक तरीके से काम नहीं करने देतीं। जिससे थायराइड के लक्षणों(symptoms of Thyroid) से लम्बे समय तक आराम नहीं मिल पाता।

सोयाबीनखाने का एक बड़ा नुकसान यह भी है कि इसके सेवन से कई प्रकार के एलर्जिक रिएक्शन्स हो सकते हैं। विशेषकर बच्चों को सोयाबीन खिलाते समय सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनमें एलर्जिक रिएक्शन का खतरा अधिक होता है। कुछ मामलों में एलर्जी जल्दी कम हो जाती है तो वहीं कुछ के लिए यह हमेशा की समस्या बन सकती है। सोयाबीन से होने वाले एलर्जिक रिएक्शन्स में ये समस्याएं प्रमुख हैं-
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई डाइट और स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)
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