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Written By: Agencies | Updated : April 12, 2017 5:15 PM IST
नवरात्र का समय हो या उपवास का कुट्टू का आटा खाने का चलन होता है क्योंकि कुट्टू का आटा पौष्टिकता और फाइबर से भरपूर होता है जिसके कारण देर तक पेट भरा रहता है और एसिडिटी की समस्या नहीं होगी विशेषकर डायबिटीज के मरीज के लिए ये आटा फायदेमंद होता है।
नवरात्र तन, मन और आत्मा को स्वच्छ करने का मौका होता है। इस दौरान गेहूं का आटा नहीं, कुट्टू का आटा खाया जाता है। कुट्टू का आटा अनाज नहीं, बल्कि फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है। कुट्टू के आटे के फायदों के बारे में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर, मैग्नीज और फासफोरस भरपूर मात्रा में होता है। इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रूटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है। सेलियक रोग से पीड़ितों को भी इसे खाने की सलाह दी जाती है।
चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे छह घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके। चूंकि इसमे ग्लूटन नहीं होता इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है।
यह ध्यान रखें कि इसकी पूरियां बनाने के लिए हाईड्रोजेनरेट तेल या वनस्पति का प्रयोग न करें, क्यूंकि यह इसके मेडिकल तत्वों को खत्म कर देता है। इसे बनी पूरियां ज्यादा कुरकुरी होती हैं। वैसे पूरी और पकोड़े तलने की बजाय इससे बनी रोटी खाएं। कुट्टू के आटे से इडली भी बन सकती है और समक के चावल से डोसा भी बनाया जा सकता है।
फायदे :
मूल स्रोत: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutterstock