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मक्खन के बिना नहीं मिलेगा साग का स्वाद और सेहत, जानिए क्यों सर्दियों में खाना चाहिए सरसों का साग

Sarson Ka Saag Khane Ke Fayde: गर्म गर्म साग पर ढेर सारा सफेद मक्खन, इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। यह सेहत के लिए भी जरूरी है।

मक्खन के बिना नहीं मिलेगा साग का स्वाद और सेहत, जानिए क्यों सर्दियों में खाना चाहिए सरसों का साग

Written by Atul Modi |Updated : January 5, 2024 8:01 PM IST

सरसों के साग के बिना सर्दियों का मजा अधूरा है। हरी पत्तेदार सब्जियों से बनने वाला यह साग न सिर्फ स्वाद का बल्कि सेहत का भी खजाना होता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों की लिस्ट बहुत ही लंबी है। गर्म गर्म साग पर ढेर सारा सफेद मक्खन, इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। हमारी दादी-नानी-मम्मी सभी साग पर ढेर सारा मक्खन जरूर डालती हैं। हालांकि अपने वेट और कैलोरी को लेकर सचेत रहने वाले लोग आजकल साग को बिना मक्खन के खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, ऐसा करने से आपको इस पौष्टिक साग का पूरा फायदा ही नहीं मिल पाएगा। पोषण विशेषज्ञ लवनीत बत्रा में हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया है कि आखिर क्यों साग के साथ सफेद मक्खन खाना जरूरी है। चलिए जानते हैं ये सीक्रेट—

विटामिन से भरपूर होता है मक्खन

सफेद मक्खन सिर्फ टेस्टी ही नहीं हेल्दी भी होता है। इसमें विटामिन ए, डी, ई और के, भरपूर मात्रा में होता है। वसा में घुलनशील ये विटामिन शरीर के पोषण के लिए आवश्यक होते हैं। इन विटामिन की मदद से शरीर अन्य पोषक तत्वों का आसानी से अवशोषण कर पाता है।

शरीर को मिलता है आयरन

साग में पालक खासतौर पर मिलाया जाता है। पालक में आयरन प्रचुर मात्रा में होता है। ऐसे में सफेद मक्खन में मौजूद स्वस्थ वसा पौधे-आधारित आयरन के अवशोषण में मदद करता है।

सुधारता है आंतों की सेहत

आंतें शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ आंतों का होना आवश्यक है। सफेद मक्खन आपकी आंत के लिए सुपर फूड की तरह काम करता है। सफेद मक्खन में लैक्टोबैसिलस और बिफिदोबैक्टीरियम जैसे प्रोबायोटिक होते हैं, जो अच्छे बैक्टीरिया होते हैं। ये आपकी आंत के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। प्रोबायोटिक्स आपके पाचन में सुधार कर सूजन कम करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करते हैं।

स्वाद को करता है संतुलित

सरसों का साग कई पत्तेदार सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है। इन सब्जियों में थोड़ी कड़वाहट होती है। स्वाद को संतुलित करने के लिए, थोड़ा मक्खन मिलाना बेहतर रहता है। इससे साग की कड़वाहट थोड़ी कम होती है।

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इसलिए सर्दियों में खाना चाहिए सरसों का साग

सरसों के साग में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। फाइबर से भरपूर होने के कारण इससे पाचन तंत्र में सुधार होता है। फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है। इसी के साथ यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी सहयोग करता है। सरसों के साग में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। विटामिन सी शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। इस पौष्टिक साग में मौजूद विटामिन 'के' हृदय संबंधी रोगों को दूर करने में मददगार होता है। इस साग में विटामिन ए होता है, जो आंखों की रोशनी में सुधार करने में मदद करता है। विटामिन ए रेटिना के लिए भी आवश्यक है। साग में आयरन होता है, जो एनीमिया से बचाव करने में मदद करता है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में तेजी आती है।

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