
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : February 21, 2023 1:00 AM IST
Leftover Roti Health Benefits: रात का खाना बच जाने के बाद लोग उसे फ्रिज में रख देते हैं। हालांकि, बासी खाना खाने से हेल्थ को नुकसान होने की बात की जाती है वहीं, कई बार बचा हुआ या बासी खाना खाने से फूड पॉइजनिंग (Food poisonings) या पेट बिगड़ने जैसी परेशानियां भी होती हैं। वहीं, बची हुई रोटियों (leftover roti) को कुछ लोग अगले दिन सुबह चाय के साथ खाना पसंद करते हैं। तो वहीं, कुछ लोग उन्हें फेंक देते हैं। दरअसल, आटे की रोटियों को लेकर अलग-अलग तरह की बातें की जाती हैं इसीलिए, कुछ लोग उन्हें फेंकने की बजाय उन्हें दोबारा गर्म करके खाने की कोशिश करते हैं। लेकिन, क्या बची हुई या बासी रोटियां (basi roti khane ke nuksan) खाना स्वास्थ्य के लिए ठीक है? तो इस सवाल का जवाब है हां।
जी हां, बासी रोटियां खाने से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे (Basi roti khane ke fayde) हो सकते हैं लेकिन, यह बात बहुत कम लोगों को ही पता है। आइए जानें क्यों बासी रोटियां खाना स्वास्थ्य के लिए उतना नुकसानदायक नहीं है जितना कि लोग इसे मान बैठे हैं और बासी रोटी खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है।
जैसा कि हमारे देश में अधिकांश घरों में गेंहू के आटे (wheat flour roti) की रोटियां बनती हैं जो पतली और आग पर पकाई हुई होती हैं। गेंहू के आटे में पानी मिलाकर आटा तैयार किया जाता है और इसे जब आग पर पकाया जाता है तो यह पानी भी भाप बनकर उड़ जाता है। इस तरह रोटी में ज़रा भी नमी नहीं बचती। इसीलिए, आग पर पकी रोटियों के टिकने की संभावना कम हो जाती है और इसकी शेल्फ लाइफ बढ़ जाती है। वहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो इस तरह से तैयार की गयी रोटियां अगले दिन तक या 12-15 घंटे तक खराब नहीं होतीं और इसीलिए, उन्हें अगले दिन भी आराम से खा सकते हैं। वहीं, इन रोटियों को खाने से आपकी सेहत को किस तरह से लाभ (health benefits of eating leftover roti ) मिल सकता है वह भी पढ़ें यहां।
बहुत से लोग दूध या छाछ के साथ बासी रोटी का नाश्ता करते हैं। क्या आप जानते हैं यह एसिडिटी से बचने का बरसों पुराना देसी तरीका है। जी हां, सुबह-सवेरे तीखा और मसालेदार खाना खाकर पेट की परेशानियां बढ़ाने की बजाय मीठे दूध या ठंडी दही और छाछ के साथ रोटी खाने से पेट को आराम मिलता है और एसिडिटी की समस्या कमहोती है।
जैसा कि रोटियों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसीलिए, यह डाइजेशन बढ़ाता है। जब अपच या पेट से जुड़ी कोई और समस्या हो तो बासी रोटी और दूध खाने से आराम मिल सकता है।
ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिएबासी रोटी खाना लाभकारी माना जाता है। दरअसल, बासी रोटी में गुड बैक्टेरिया की मात्रा बढ़ जाती है जिससे वह अधिक हेल्दी बन जाती है। इस तरह की रोटी को दूध में भिगोकर खाने से शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर दोनों कंट्रोल करने में मदद होती है।